
आईएएस मुग्धा सिन्हा की दो किताब - 'क्या कहूं मैं, मैं कौन हूं' हिंदी कविता की किताब और 'पोस्टकार्ड पोयम्स' इंग्लिश कविता की किताब का विश्व पुस्तक मेला 2023 में लोकार्पण हुआ।
राजस्थान कैडर की आईएएस व लेखिका मुग्धा सिन्हा हिंदी की कविता ‘क्या कहूं मैं, मैं कौन हूं’ किताब के लोकार्पण के अवसर पर इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ पत्रकार रामबहादुर राय, वाणी प्रकाशन की एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर अदिति महेश्वरी गोयल और लोकार्पण कार्यक्रम का संचालन कर रहे व फ्रेंड्स ऑफ बुक्स (फ्रॉब) के को-फाउंडर अमित गुप्ता उपस्थित रहे। हिंदी की कविताओं पर आधारित पुस्तक के विमोचन के अवसर पर आईएएस मुग्धा सिन्हा ने अपनी किताब से विभिन्न कविताओं को लोगों के सामने पढ़कर प्रमुख अंश प्रस्तुत किए। उन्होंने अपनी किताब में खुद के द्वारा लिखी गई कविता कलम, सोलाह श्रृंगार समेत अन्य कविताओं को ऑडियंस के सामने पढ़कर सुनाया। ऑडियंस ने कविताओं के खत्म होने के बाद तालियां बजाकर उनका अभिनंदन किया।
उनकी हिंदी की कविताओं पर आधारित किताब में जिंदगी, आभार, एक फूल गुलाब का, मैं क्यों आग में जली हूं, रिश्तों की शक्ल, नदी और तट, पानी, बूंद, खोज, सोच, तोहफा, सफर के मुसाफिर जैसे शीर्षक पर कविताएं पढ़ने को मिलेंगी। अपनी किताब के विमोचन के उपलक्ष्य पर आईएएस मुग्धा सिन्हा ने कहा कि हमारा इंवेस्टमेंट अपने साथ-साथ लोगों पर भी होना चाहिए।
'हर उम्र के लोगों के लिए लिखी हैं कविताएं'
पत्रिका से बातचीत में आईएएस मुग्धा सिन्हा ने बताया कि ‘क्या कहूं मैं, मैं कौन हूं’ पुस्तक में सभी प्रकार की कविताएं मौजूद हैं। मैं 20 वर्षों से किताबें लिख रही हूं, उन सभी की झलक इस पुस्तक में उपलब्ध है। किताब में ज्यादा चिंतन प्रस्तुत किया गया है। इस किताब में मनोवैज्ञानिक, दार्शनिक, कुछ चीजें जिसने मुझे बहुत परेशान किया व उकसाया है। उस पर आधारित कविताएं किताब में मैंने लिखी हैं। किताब में कहीं न कहीं महिला दर्शन भी है, देश के लिए हम जो महसूस करते हैं, उसके बारे में भी किताब में कविता मौजूद है। ड्रग्स की समस्याओं के साथ ही कुछ फिल्मों से भी प्रेरित होकर मैंने कविताएं लिखी हैं। इस पुस्तक में सभी प्रकार का मिक्स कलेक्शन है। मैंने किताब में हर उम्र के लोगों के लिए - युवा, महिलाएं, छात्र, बुजुर्ग सभी के लिए कविताएं लिखी हैं। किताब में, मेरी व्यक्तिगत पीड़ाएं शायद लोगों को व्यापक लगेंगी। शायद इसी वजह से हम किताबें लिखते हैं। उन्होंने इंग्लिश की किताब ‘पोस्टकार्ड पोयम्स’ के बारे में बताते हुए कहा कि इस किताब में जैसे हिंदी के कबीर के दोहे हैं वैसे ही 150 एपीग्रामेटिक पोयम्स हैं। इंग्लिश की किताब में प्यार, हार, लालसा, सीख पर आधारित कविताएं प्रस्तुत की गई हैं। इस किताब में इश्क, मोहब्बत जैसी कविताएं भी रीडर्स को पढ़ने को मिलेंगी।
Published on:
26 Feb 2023 10:36 pm

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