- आपसी संबंधों के साहसिक अध्याय के रूप में याद की जाएगी मोदी की यात्रा
नई दिल्ली। भारत में अमरीका के राजदूत एरिक गार्सेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हाल की अमरीका यात्रा को इतिहास में दोनों देशों के सम्बन्धों का साहसिक अध्याय बताते हुए कहा कि दोनों देशों के सम्बन्ध उम्मीदों से काफी आगे निकल गए हैं। दोनों देश दुनिया अधिक समृद्ध बनाने के लिए एक साथ खड़े हैं। दोनों देशों के सपने एक हैं।
गार्सेटी ने बुधवार को यहां आईआईटी-दिल्ली के सभागार में भारत में अमरीकी दूतावास, एशिया सोसायटी पॉलिसी इंस्टीट्यूट व आईआईटी की साझा मेजबानी में भारत-अमरीका सम्बन्धों का नया अध्याय विषयक संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए यह विचार व्यक्त किए।
मोदी की गत 21 से 24 जून तक अमरीका की राजकीय यात्रा के के संदर्भ में आयोजित इस संगोष्ठी में गार्सेटी ने कहा कि यह यात्रा इतिहास में परिस्थिति बदलने वाली और अमरीका-भारत के संबंधों में एक नए साहसिक अध्याय की शुरुआत के रूप में दर्ज की जाएगी। इस यात्रा में शांति, समृद्धि, ग्रह और लोग (पीस, प्रोसपेरिटी, प्लेनेट एंड पीपुल) चार पहलू मुख्य रहे। मोदी की यात्रा के दौरान घोषित परियोजनाओं और परिवर्तनकारी पहलों से न केवल दोनों देशों बल्कि दुनिया को भी फायदा होगा। भारत और अमरीका के पास हिंद-प्रशांत क्षेत्र और उससे आगे शांति व स्थिरता सुनिश्चित करने की ताकत है।
हर दिन हकीकत बनते हैं सपने
गार्सेटी ने कहा कि भारत एक ऐसी जगह है जहां सपने हर दिन हकीकत बनते हैं। दोनों देशों के बीच बहुत कुछ समान है। भारतीय और अमरीकी सपने एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यहां चाय बेचने वाला एक युवा वैश्विक मंच पर भारत का नेतृत्व करता है तो एक संथाली शिक्षक राष्ट्रपति बनती है। दो प्रमुख लोकतंत्रों की ताकत है कि हम जोर-जबरदस्ती के खिलाफ और शांति के लिए एक साथ खड़े हो सकते हैं।