
पाक-चीन ने उकसाया तो सैन्य कार्रवाई से नहीं चूकेगा भारत
वॉशिंगटन. अमरीका सरकार की एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि भारत का पाकिस्तान तथा चीन के साथ तनाव बढऩे की आशंका है। अमरीकी खुफिया विभाग की सालाना आंकलन रिपोर्ट के मुताबिक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की ओर से पाकिस्तानी उकसावों का सैन्य बल के साथ जवाब देने के पहले की तुलना में आसार अधिक हैं। भारत और चीन सीमा के विवादित हिस्से पर बढ़ती सैन्य गतिविधियों से दोनों परमाणु ताकतों के बीच सशस्त्र टकराव का जोखिम बढ़ रहा है।इस रिपोर्ट को अमरीकी कांग्रेस के समक्ष पेश किया गया है। इसमें कहा गया कि मोदी के नेतृत्व में भारत पाकिस्तान से निपटने में उदारता से पेश नहीं आएगा। रिपोर्ट में उन जोखिमों का जिक्रकिया गया है, जो इस साल अमरीकी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा सकते हैं। इसमें भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्ष बढऩे के साथ-साथ, चीन, यूक्रेन और रूस के अलावा जलवायु परिवर्तन जैसे मुद्दों को भी शामिल किया गया है। रिपोर्ट में कहा गया कि सीमा पर भारत और चीन का सैन्य विस्तार अमरीका के हितों के लिए सीधा खतरा हो सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक भारत और पाकिस्तान के बीच संकट दो परमाणु-सशस्त्र देशों के बीच बढ़ते सर्किल के जोखिम के कारण विशेष चिंता का विषय है। कश्मीर में अशांति या भारत में एक आतंकी हमला संभावित फ्लैशपॉइंट हो सकता है।
आतंकवादी समूहों पर अंकुश लगाना जरूरी
अमरीकी विदेश विभाग के प्रवक्ता नेड प्राइस ने कहा कि अमरीका-पाकिस्तान आतंकवाद रोधी संवाद आतंकी खतरों और हिंसक उग्रवाद का मुकाबला करने के लिए अमरीका को पाकिस्तान के साथ काम करने की इच्छा व्यक्त करने का मौका देता है। क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए खतरों का मुकाबला करने में हमारा साझा हित है। आतंकवाद से मुक्त स्थिर और सुरक्षित दक्षिण और मध्य एशिया का लक्ष्य काफी हद तक पाकिस्तान के साथ हमारी साझेदारी की ताकत पर निर्भर करता है। क्षेत्रीय और वैश्विक स्थिरता को खतरा पैदा करने वाले सभी आतंकवादी समूहों का मुकाबला करने के लिए हम एक साथ कदम उठा सकते हैं।
भारत-पाक में 70 साल से कटुता
1. रिपोर्ट में कहा गया कि भारत और पाकिस्तान के बीच कटुता भरे रिश्तों का इतिहास सत्तर साल लंबा है। दोनों देशों के बीच तीन हजार किलोमीटर से लंबी सीमा है। दोनों के बीच अब तक तीन बार युद्ध हो चुके हैं। दोनों देश एक-दूसरे पर अपने आंतरिक मामलों में हस्तक्षेप और चरमपंथ को बढ़ावा देने का आरोप लगाते रहे हैं। हाल ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की बैठक में दोनों देशों के बीच तल्ख बयानबाजी हुई थी।
2. भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2014 में सत्ता संभालने के बाद दोनों देशों के बीच रिश्ते सुधारने की कोशिशें की थीं। मोदी ने 2015 में अफगानिस्तान से लौटते हुए अचानक पाकिस्तान जाकर सबको चौंका दिया था। मोदी वहां नवाज शरीफ की पोती की शादी में भी शामिल हुए थे।
3. पठानकोट वायुसेना अड्डे, उरी के सैन्य अड्डे और पुलवामा में सैनिकों के काफिले पर हमले ने दोनों देशों के रिश्तों में कड़वाहट बढ़ाने का काम किया।
पाक की आलोचना
रिपोर्ट में पाकिस्तान के प्रति आलोचनात्मक रुख अपनाया गया है। रिपोर्ट कहती है कि पाकिस्तान लंबे समय से भारत विरोधी चरमपंथी समूहों का समर्थन कर रहा है। पाकिस्तान अगर भारत को उकसाने वाली कार्रवाई करता है या वह ऐसा करता हुआ दिखता है तो उस पर भारत की ओर से सैन्य पलटवार किया जा सकता है।
अमरीका पर निशाना साधा जिनपिंग ने
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमरीका की कड़ी आलोचना की है। नेशनल पीपल्स कांग्रेस में जिनपिंग ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अमरीका, चीन को घेरने की कोशिश कर रहा है। इससे चीन के लिए गंभीर चुनौतियां पैदा हो रही हैं।
Published on:
09 Mar 2023 11:50 pm

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