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जैन संत बोले, समृद्ध देश की तरफ कोई आंख नहीं उठा सकता

संक्रांति पर्व पर शांतिनाथ आत्मानंद श्वेताम्बर जैन सभा ने आयोजित की धर्मसभा में आचार्य धर्मधुरंधर ने कहा कि संस्कृति संरक्षण के लिए देश को समृद्ध बनाना होगा

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जैन संत बोले, समृद्ध देश की तरफ कोई आंख नहीं उठा सकता

जैन संत बोले, समृद्ध देश की तरफ कोई आंख नहीं उठा सकता

नई दिल्ली। मूर्तिपूजक श्वेताम्बर जैन समाज के प्रमुख संत गच्छाधिपति आचार्य धर्मधुरंधर महाराज ने कहा कि जो देश समृद्ध होता है कोई भी उसकी सीमाओं और संस्कृति की तरफ आंख उठाकर नहीं देख सकता। इसलिए स्वंय को जीवित रखने और संस्कृति को सुरक्षित रखने के लिए देश को समृद्ध बनाना होगा।

आचार्य धर्मधुरंधर ने मंगलवार को यहां श्री शांतिनाथ आत्मानंद श्वेताम्बर जैन सभा की ओर से आयोजित संक्रांति पर्व को संबोधित करते हुए कहा कि आज हमारी सबसे बड़ी जिम्मेदारी अपनी संस्कृति के मूल स्वरूप को सुरक्षित बचाए रखना है। इसके लिए सबसे पहले देश व भारतीयता को सुरक्षित रखना होगा। देश और भारतीयता तभी सुरक्षित होगी, जब हम इसे समृद्ध बनाएंगे। देश को समृद्ध बनाने के लिए सार्थक प्रयास करने होंगे।

उन्होंने कहा कि देश स्वदेशी को अपनाने का संकल्प लेने से ही समृद्ध हो सकता है। विदेशी उत्पादों के बहिष्कार से देश में रोजगार बढ़ेगा और देश समृद्ध होता चला जाएगा और हम संस्कृति के वजूद को कायम रखने में सफल हो पाएंगे।

जैन संत की हत्या की भर्त्सना
आचार्य ने कर्नाटक के चिकोडी़ में हुई जैन संत की हत्या की भर्त्सना करते हुए कहा कि अहिंसा और करुणा ही जैन संतों की पहचान है। फिर ऐसे संत की विभत्स हत्या चिंता का विषय है। देश और समाज के नेतृत्व को इस पर गंभीरता से चिंतन करना होगा। जैन समाज अहिंसक समाज है, लेकिन यदि इसके संतों व धरमायतनों की तरफ कोई आंच आएगी तो यह अहिंसक समाज भी चुप नहीं बैठेगा।

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