राष्ट्रीय प्रेस दिवस समारोह में बोले उपराष्ट्रपति : आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस ने मीडिया के सामने पेश की नई चुनौतियां - अनुभवी समाचार संपादकों की जगह नहीं ले सकती एआई: अनुराग ठाकुर
नई दिल्ली। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने यहां विज्ञान भवन में गुरुवार को आयोजित राष्ट्रीय प्रेस दिवस के उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि मीडिया का नैतिक कर्तव्य है कि वह सच बताए। अविश्वसनीय और गलत खबरों ने समाज में मीडिया के विश्वास को कम किया है।
उपराष्ट्रपति ने मीडिया को राजनीति का हिस्सा न बनने पर जोर दिया।उन्होंने कहा कि मीडिया को लोकतंत्र की ताकत होना चाहिए, कमजोरी नहीं। मीडिया को राजनीतिक भागीदारी से बचना चाहिए ताकि प्रगतिशील मीडिया हमारे लोकतंत्र में सच्चाई और जवाबदेही का प्रतीक बना रहे।
उपराष्ट्रपति ने कहा कि यह कहना गलत नहीं होगा कि "फेक न्यूज़" शब्द जितना आज सुना जा रहा है उतना इससे पहले कभी नहीं सुना गया। उपराष्ट्रपति ने मीडिया की कम होती विश्वसनीयता को सबसे बड़ी चुनौती बताया और सोशल मिडिया का भ्रामक खबरें फैलाने के उपयोग पर चिंता व्यक्त की।
उपराष्ट्रपति ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का जिक्र करते हुए कहा कि मीडिया तकनीकी परिवर्तन से और उनसे जुड़ी चुनौतियों से निपटने में हमेशा सक्षम रहा है, हाल की तकनीकी प्रगति और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और चैट जीपीटी जैसे नवाचारों ने नई चुनौतियां पेश की हैं, इन चुनौतियों का डटकर मुकाबला करना होगा।
केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा कि डिजिटल युग ने एक नए युग का सूत्रपात किया है, जहां समाचार सामग्री तैयार करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) का तेजी से उपयोग किया जा रहा है। यद्यपि एआई समाचार रिपोर्टिंग में निस्संदेह एक नया आयाम जोड़ती है, लेकिन इसकी सीमाओं को पहचानना भी महत्वपूर्ण है। समाचार जुटाने और समाचार प्रसार के क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की बढ़ती महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना करते हुए ठाकुर ने यह भी रेखांकित किया कि संपादक के पास जो वर्षों के अनुभव, संदर्भ और निरीक्षण की बारीकियां हैं, वह हमेशा एआई से एक कदम आगे रहेंगी। केंद्रीय राज्य मंत्री एल मुरुगन ने मीडिया की भूमिका पर बात की। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारतीय प्रेस परिषद की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई ने की।