-न्यायाधीश यशवंत वर्मा के खिलाफ महाभियोग की भी तैयारी - अब छह सप्ताह बाद पीएम को देना होगा जवाब: कांग्रेस
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने पहलगाम आतंकी हमले और सेना के ऑपरेशन सिंदूर को लेकर विपक्ष के विशेष सत्र बुलाने की मांग को दरकिनार कर मानसून सत्र की तारीखों की घोषणा कर दी है। यह सत्र 21 जुलाई से शुरू होकर 12 अगस्त तक चलेगा।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बताया कि राज्यसभा और लोकसभा में 21 जुलाई को मानसून सत्र शुरू करेंगे। यह तीन महीने से अधिक के अंतराल के बाद हो रहा है। उन्होंने बताया कि रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता वाली कैबिनेट समिति ने सत्र की तारीखों की सिफारिश की है। उन्होंने कहा कि हर सत्र खास होता है और हम सभी मुद्दों पर चर्चा करेंगे, जिसमें ऑपरेशन सिंदूर भी शामिल है। सरकार चाहती है कि सभी को साथ लिया जाए। हमने विपक्ष से संपर्क किया है और उम्मीद है कि सभी एकजुट होकर खड़े होंगे।
मानसून सत्र में न्यायाधीश यशवंत वर्मा का मामला गूंज सकता है। वर्मा के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव लाने की तैयारी है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि आमतौर पर संसद सत्र की तारीखों की घोषणा कुछ दिन पहले की जाती है। लेकिन इस बार सत्र शुरू होने से 47 दिन पहले ही तारीखों की घोषणा की गई। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यह निर्णय मोदी सरकार ने केवल इसलिए लिया है ताकि कांग्रेस और इंडिया ब्लॉक गठबंधन की ओर से उठाई जा रही तत्काल विशेष बैठक की मांग से बचा जा सके। मानसून सत्र के दौरान भी पहलगाम में हुए बर्बर आतंकी हमलों के लिए जिम्मेवार आतंकवादियों को अब तक न्याय के कटघरे में लाने में विफलता, ऑपरेशन सिंदूर के प्रभाव और उसके बाद उत्पन्न हालात और राजनीतीकरण चर्चा के केंद्र में रहेंगे। प्रधानमंत्री ने भले ही विशेष सत्र से खुद को अलग रखा हो, लेकिन छह सप्ताह बाद उन्हें इन कठिन सवालों का जवाब देना ही होगा।