
दिल्ली पुलिस ने चलाया 'ऑपरेशन चक्रब्यूह'
Operation Chakravyuh: दिल्ली में एक ओर जहां प्रदूषण का कहर बढ़ रहा है, वहीं दूसरी ओर लोग यातायात के नियमों का पालन नहीं कर रहे हैं। इसी के चलते दिल्ली पुलिस ने हाल ही में ऑपरेशन चक्रब्यूह शुरू किया। इसके तहत अब तक 24 हजार से ज्यादा लोगों के चालान हो चुके हैं, जबकि 144 वाहन जब्त कर लिए गए। यह अभियान लगभग 15 दिन तक चला। दिल्ली पुलिस का कहना है कि सड़कों पर लोग यातायात नियमों की अनदेखी कर दूसरों के लिए जानलेवा बन जाते हैं। ऐसे में यह अभियान चलाना बेहद आवश्यक हो गया है। दिल्ली में 'ऑपरेशन चक्रब्यूह' पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के आदेश पर चलाया गया।
दिल्ली पुलिस के सूत्रों की मानें तो पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा के आदेश पर चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रब्यूह' की मॉनीटरिंग खुद पुलिस आयुक्त कर रहे हैं। उन्होंने यातायात पुलिस, स्थानीय थाना और सड़कों पर दौड़ रही पीसीआर वैन को सीधे आदेश दिए हैं कि अगर कोई यातायात नियम का उल्लंघन करता पाया जाए तो उसके खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाए। डीसीपी ट्रैफिक शशांक जायसवाल ने बताया कि इस अभियान के लिए रोज दो घंटे तक पुलिस टीमें किसी भी चौराहे या बाजार में जांच कर सकती हैं। बात अगर पिछले दिनों हुई कार्रवाई की करें तो यातायात नियमों के उल्लंघन पर कुल 24,841 चालान काटे गए। गंभीर मामलों में 144 वाहनों को जब्त किया गया।
दिल्ली पुलिस कमिश्नर सतीश गोलचा की निगरानी में शुरू किया गया 'ऑपरेशन चक्रब्यूह' अपने नाम के अनुसार ही पुलिसिया कार्रवाई की रणनीति से जुड़ा है। इसके तहत यातायात पुलिस, स्थानीय थाना पुलिस और पीसीआर की टीमें एक साथ किसी भी चौराहे या बाजार में दो घंटे तक सघन जांच करती हैं। इस दौरान चौराहे या बाजार के सभी निकासी और प्रवेश द्वारों पर पुलिस टीमें खड़ी हो जाती हैं और हर आने-जाने वाले पर उनकी पैनी नजर रहती है। यह कार्रवाई हमेशा सबसे ज्यादा व्यस्ततम चौराहे या बाजार में होती है। डीसीपी ट्रैफिक शशांक जायसवाल के अनुसार, यह पूरी तरह सुनियोजित अभियान के तहत की जाती है। ताकि कोई भी नियम तोड़ने वाला बच न सके।
पुलिस की कार्रवाई खास तौर पर उन उल्लंघनों पर केंद्रित रही, जो सड़क हादसों की प्रमुख वजह माने जाते हैं। इनमें बिना हेलमेट दोपहिया वाहन चलाना, ट्रिपल राइडिंग, शराब के नशे में ड्राइविंग, तेज व लापरवाह वाहन चलाना, ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन का इस्तेमाल और रेड लाइट जंप करना शामिल रहा। जांच के दौरान एक वाहन से नशीले पदार्थ मिलने की घटना भी सामने आई, जिसके बाद तिमारपुर थाने में मामला दर्ज किया गया। डीसीपी जायसवाल ने स्पष्ट किया कि इस अभियान का उद्देश्य केवल चालान काटना नहीं, बल्कि वाहन चालकों में अनुशासन पैदा करना और सड़क सुरक्षा को मजबूत करना है।
Updated on:
16 Dec 2025 11:20 am
Published on:
16 Dec 2025 11:20 am
