
युवा दिलों की धड़कन रह चुके शम्मी कपूर की आज पुण्यतिथि है। उन्होंने साल 2011 में इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। शमी भले ही इस वक्त दुनिया में नहीं है, लेकिन उनका दिलकश अंदाज और बेबाकपन आज भी लोगों के जहन में कायम है। आज हम आपको शम्मी से जुड़ी कुछ खास बातें बताएंगे।

शम्मी का जन्म कपूर खानदान में हुआ था। उनके पिता पृथ्वीराज चौहान अपने जमाने के मशहूर एक्टर और निर्देशक थे। उन्होंने पृथ्वी थियेटर की शुरुआत की थी। जबकि शम्मी के भाई राज कपूर भी फेमस अभिनेता थे। खानदान की परंपरा को आगे ले जाते हुए शम्मी ने बॉलीवुड इंडस्ट्री में कदम रखा था।

शम्मी अपना कॉलेज छोड़कर अपने पिता के थिएटर में बतौर जूनियर एक्टर काम करने लगे थे। उन्होंने साल 1953 में रिलीज हुई फिल्म 'जीवन ज्योति' से डेब्यू किया था, लेकिन मूवी को सफलता नहीं मिली। बाद में शम्मी ने कुछ और भी फिल्में की मगर कामयाबी नहीं मिली। ऐसे में उन पर फ्लॉप एक्टर के साथ अपने भाई राज कपूर की एक्टिंग की नकल करने का भी धब्बा लग गया था।

इसी बीच एक दिन शम्मी ने 'मिस कोका कोला' में रहीं उनकी को—एक्टर गीता बाली से शादी कर ली। उनकी शादी का किस्सा भी काफी दिलचस्प है। दरअसल गीता उस वक्त शम्मी कपूर से ज्यादा पॉपुलर कलाकार थीं, तब भी उन्हें शम्मी के कामयाब होने का पूरा भरोसा था।

शम्मी पर अपने अटूट विश्वास के चलते ही उन्होंने शम्मी कपूर से शादी करने का फैसला कर लिया। उन्होंने शम्मी के सामने शर्त रखी कि वो आज ही उनसे शादी करेंगे। उस वक्त दोनों शूटिंग कर रहे थे। गीता की बात पर गौर करते हुए शम्मी ने भी हामी भर दी।

शम्मी और गीता दोनों सेट के पास स्थित एक मंदिर में गए। जहां उन्होंने गीता की मांग में सिंदूर की जगह लिपस्टिक लगाकर भर दी। उनकी शादी एक फिल्मी अंदाज में सम्पन्न हुई। कहते हैं कि शादी के बाद किस्मत बदल जाती है। इसलिए सबको उम्मींद थी कि शम्मी के साथ भी ऐसा ही होगा। मगर दुर्भाग्यवश ऐसा नहीं हुआ।

शादी के बाद शम्मी कपूर ने पत्नी गीता के साथ 'रंगीन रातें मूवी में काम किया था, लेकिन वो भी बॉक्स आॅफिस पर टिक नहीं पाई। एक के बाद एक फिल्मों के फ्लॉप होने से शम्मी पूरी तरह से टूट चुके थे। उन्होंने अपनी पत्नी से कहा था कि अगर उनकी एक और मूवी असफल रहती है तो वो इंडस्ट्री से संयास ले लेंगे।

शम्मी ने बॉलीवुड जगत से रिटायरमेंट के बाद असम के चायबागान में बतौर मैनेजर कार्य करने का मन बना लिया। मगर उस वक्त भी गीता ने शम्मी का साथ नहीं छोड़ा और उनका हौंसला बढ़ाया। गीता ने शम्मी से कहा था कि वो अपनी आगामी फिल्म में अपनी जी—जान लगा दें।

गीता के सपोर्ट से शम्मी ने मशहूर निर्देशक नासिर हुसैन के साथ अपनी अगली मूवी 'तुमसा नहीं देखा' में काम किया। इसमें शम्मी कपूर की एक्टिंग को लोगों ने काफी पसंद किया। इसके बाद से शम्मी की दूसरी मूवीज हिट होने लगी। अपनी इस कामयाबी पर शम्मी ने इंटरव्यू में कहा था,"यंग ऑडियंस को मेरा काम पसंद आ रहा था और उनको मैं हीरो दिखने लगा था। वो फिल्म बहुत ज़रूरी थी, मेरे लिए और शायद हम सभी के लिए।मुझे पता था कि अब यहां से मुझे पीछे नहीं देखना है।"

काफी असफलताओं के बाद आखिरकार शम्मी ने इंडस्ट्री में अपनी जगह बना ही ली। उनकी मूवीज के अलग टारगेट आंडियंस सेट हो चुके थे। यंग जनरेशन शम्मी को ज्यादा पसंद करते थे। एक हिट फिल्म के बाद उन्होंने कभी पीछे नहीं देखा और लगातार ब्लॉकबस्टर मूवीज देते गए। उन्होंने जानवर, जंगली, प्रोफेसर, दिल देके देखो जैसी सुपरहिट फिल्मों में काम किया है।