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दिल्ली में 96 साल पुराना वो मिठाई भंडार, पंडित नेहरू से इंदिरा गांधी तक थे जिसके मुरीद, अब बंद होगी

96 Year old shop Closed in Delhi: देश की राजधानी में 96 पुरानी ऐतिहासिक मिठाई की दुकान 31 दिसंबर को बंद हो जाएगी। इस दुकान पर पंडित नेहरू जैसे देश की दिग्गज इंदिरा गांधी भी जा चुकी है।
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नई दिल्ली

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Vishnu Bajpai

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IMRAN ANSARI

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Updated: 16 Dec 2025, 2:48 PM IST

96 Year old sweet shop to close in Delhi

दिल्ली में 96 साल की ऐतिहासिक दुकान अब बंद होगी

96 Year old shop Closed in Delhi: दिल्ली के चांदनी चौक में स्थित एक ऐतिहासिक दुकान, जो आज़ादी से पहले से चल रही थी, अब 96 साल बाद बंद होने जा रही है। यह वही दुकान है, जहां से कभी देश के प्रधानमंत्री तक मिठाइयां मंगवाया करते थे। इतना ही नहीं, 1983 में जब भारत ने विश्व कप जीता था, तब तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने भारतीय खिलाड़ियों के लिए यहीं से मिठाइयां भिजवाई थीं। करीब तीन साल तक चली कानूनी लड़ाई के बाद अब यह दुकान 31 दिसंबर को हमेशा के लिए बंद कर दी जाएगी। राजधानी दिल्ली के कई घरों में त्योहार हो या खुशी का कोई अवसर, लोग अक्सर यहीं से मिठाई खरीदना पसंद करते थे।

जानिए क्यों खास है यह दुकान?

इस दुकान का नाम अन्नपूर्णा भंडार है, जिसकी स्थापना साल 1929 में हुई थी। पिछले 60 सालों से इस दुकान को 81 साल के मिहिर मुखर्जी चला रहे हैं। यह दुकान बंगाली मिठाइयों के लिए विशेष रूप से प्रसिद्ध रही है। इसकी शुरुआत मिहिर मुखर्जी के दादा, एमएम मुखर्जी ने की थी, जो ब्रिटिश रेलवे में कार्यरत थे। ब्रिटिश रेलवे से रिटायर होने के बाद एमएम मुखर्जी साल 1911 में कोलकाता से दिल्ली आए और उन्होंने बंगाली मिठाइयों की यह दुकान शुरू की। कई दशकों तक सब कुछ सामान्य रूप से चलता रहा, लेकिन पिछले कुछ सालों से दुकान मालिक और मकान मालिक के बीच विवाद शुरू हो गया। मकान मालिक दुकान का किराया एक से डेढ़ लाख रुपये तक बढ़ाने की मांग कर रहा था। इसी विवाद के चलते अंततः दुकान बंद करने का निर्णय लिया गया।

इन दिग्गजों ने चखी थी यहां की मिठाई

अन्नपूर्णा भंडार सिर्फ आम लोगों में ही नहीं, बल्कि देश के कई बड़े नेताओं के बीच भी बेहद लोकप्रिय रही है। इस दुकान पर देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू, पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री ज्योति बसु जैसे दिग्गज आ चुके हैं। 1983 में भारत की विश्व कप जीत के बाद इंदिरा गांधी द्वारा भारतीय क्रिकेट टीम के लिए यहीं से मिठाइयां भेजी गई थीं। जिसके बाद इस दुकान की ऐतिहासिक पहचान बन गई।

रोजगार पर भी पड़ेगा असर

इस दुकान से कुल 12 लोगों का रोजगार जुड़ा हुआ था, जिनमें कारीगर और हेल्पर शामिल हैं। ये सभी उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल के रहने वाले हैं। 31 दिसंबर के बाद ये सभी बेरोजगार हो जाएंगे। अन्नपूर्णा भंडार का बंद होना दिल्ली की खानपान विरासत के लिए भी एक बड़ा नुकसान माना जा रहा है। यह एक ऐसी पुरानी और प्रतिष्ठित दुकान थी, जिसके प्रशंसक पूरे दिल्ली में फैले हुए थे।

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