28 जनवरी 2026,

बुधवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

इस बार पीओके लेने का मौका आया तो पीछे हट गई मोदी सरकार : खरगे

हैदराबाद में कांग्रेस अध्यक्ष बोले: संविधान से धर्मनिरपेक्ष व समाजवाद शब्द कोई नहीं हटा सकता

2 min read
Google source verification

नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अक्सर भाषणों में पीओके भारत में मिलाने की बात करते हैं। इस बार पीओके लेने का मौका था तो मोदी सरकार पीछे हट गई। इसलिए ये देश के गुनहगार हैं। उन्होंने कहा डोनाल्ड ट्रंप बार बार युद्ध खत्म करने की बात कहते हैं,लेकिन नरेंद्र मोदी इस बात पर चुप हैं। मोदी को कहना चाहिए कि भारत को ट्रंप की जरूरत नहीं है।

खरगे ने यह बातें हैदराबाद में पार्टी कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में कही। उन्होंने कहा कि हम मजबूत हैं और लड़ने के लिए तैयार हैं। जैसे इंदिरा गाँधी जी ने पाकिस्तान के दो टुकड़े किए थे, हम भी कर सकते हैं। वे सातवें बेड़े के सामने झुकी नहीं थीं। लेकिन नरेंद्र मोदी बड़ी-बड़ी बातों के सिवा कुछ नहीं करते। उन्होंने चुनौती देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी या भाजपा-आरएसएस का भी कोई भी नेता संविधान से धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद नहीं हटा सकता। कांग्रेस किसी भी कीमत पर ऐसा नहीं होने देगी। उन्होंने कहा कि भाजपा के अपने संविधान में धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद के सिद्धांतों के प्रति सच्ची निष्ठा रखने की बात कही गई है। यदि भाजपा को धर्मनिरपेक्ष और समाजवाद से इतनी नफरत है तो इन्हें अपने संविधान में क्यों लिखा।

विफल विदेश नीति

खरगे ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के बाद के घटनाक्रम के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान को बर्बाद करने की बात कही तो कांग्रेस समेत पूरा विपक्ष देशहित में सरकार के साथ खड़ा था, लेकिन इन्होंने कुछ नहीं किया। उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी की गलत विदेश नीति की वजह से सभी देश भारत के दुश्मन बन गए हैं। हालात ये हैं कि नेपाल भी भारत से दूर हो रहा है। खरगे ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा व्यापार की धमकी देकर भारत-पाक के बीच संघर्ष विराम कराने के दावों पर नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। 

Story Loader