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जोशीमठ आपदा के बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा ठप, पर्यटक स्थलों पर भी रौनक नहीं

हालात : पांडुकेश्वर में चार दिन में कोई यात्री नहीं पहुंचा, तीर्थ पुरोहित और व्यवसायी चिंतित  

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जोशीमठ आपदा के बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा ठप, पर्यटक स्थलों पर भी रौनक नहीं

जोशीमठ आपदा के बाद शीतकालीन चारधाम यात्रा ठप, पर्यटक स्थलों पर भी रौनक नहीं

जोशीमठ (उत्तराखंड). पहाड़ में कहा जाता है कि पहाड़ की जिंदगी पहाड़ जैसी होती है और अब जोशीमठ आपदा के कारण ये जिंदगी और मुश्किल हो गई है। लोगों की रोजी-रोटी चलाने वाली उत्तराखंड की शीतकालीन चारधाम यात्रा ठप हो गई है। हालत यह है कि बद्रीनाथ मंदिर की परंपरा जुड़े जोशीमठ के नृसिंह मंदिर और पांडुकेश्वर के योगध्यान मंदिर में पिछले चार दिनों (9 से 13 जनवरी के बीच) एक भी यात्री नहीं पहुंचा। बर्फबारी के बाद पर्यटकों से गुलजार रहने वाले औली, चौपता, हर्षिल, धराली, भटवाड़ी, केदारकांठा और हर की दून सूना पड़ा है। प्रदेश के हजारों लोगों की रोजी-रोटी शीतकालीन चारधाम यात्रा और पर्यटन से चलती है। ऐसे में इसके ठप होने से लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट पैदा हो गया है। प्रदेश के ऐसे बहुत से लोग हैं जो पूरे साल बर्फबारी के बाद पर्यटन सीजन का इंतजार करते हैं और यह सीजन जोशीमठ आपदा के कारण ठप हो गया है। तीर्थ पुरोहित और पर्यटन व्यवसाय से जुड़े लोगों को अब चिंता सताने लगी है कि हालत नहीं सुधरे तो इसका असर आगामी यात्रा पर भी पड़ सकता है। उत्तराखंड चारधाम महापंचायत अध्यक्ष सुरेश सेमवाल का कहना है कि जोशीमठ आपदा का असर शीतकालीन चारधाम यात्रा पर हुआ है। पूजास्थल सूने पड़े हैं। होटल, पर्यटन और ट्रैवल एजेंसी वालों ने यात्रा के लिए काफी इंतजाम किए थे। ऐसे में सभी को नुकसान उठाना पड़ रहा है।

1-13 जनवरी तक पहुंचे यात्री

ओमकारेश्वर मंदिर, ऊखीमठ 2225

पांडुकेश्वर व नृसिंह मंदिर 655

मुखवा, उत्तरकाशी 86

खरसाली (खुशीमठ), उत्तरकाशी 34

एशिया के सबसे बड़े जोशीमठ-औली रोपवे पर दरारें
जोशीमठ. भू-धंसाव से एशिया के सबसे बड़े जोशीमठ-औली रोपवे की प्लेटफार्म पर दरारें आ गई है। रोपवे के प्लेटफॉम पर शुक्रवार रात को दरारें आईं हैं। रोपवे का एक टॉवर प्रशासन की ओर से असुरक्षित घोषित किए क्षेत्र में है। उसके चलते रोपवे को लेकर भी आशंकाएं तेज हो गई थी।

नए क्षेत्रों में दरारें, दो होटल और झुके
जोशीमठ में शनिवार को अलग-अलग क्षेत्रों में भू-धंसाव के मामले सामने आए हैं। इसमें जोशीमठ औली रोपवे के समीप, सिंहधार वार्ड के अलावा जोशीमठ में होटल स्नो क्रेस्ट व कामेट होटल भी झुक गए हैं। इनके मालिकों ने होटलों को खाली करना शुरु कर दिया है। होटल स्वामियों ने इसकी जानकारी प्रशासन को भी दे दी है। ये होटल जोशीमठ औली रोपवे के समीप हैं।

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