
तिरुचि. जिले के पुलिवलम क्षेत्र में एक 18 साल की लडक़ी की हाल ही एक दुखद घटना में मृत्यु हो गई। एक छोटे से गांव में रहने वाली लडक़ी इंजीनियरिंग कॉलेज में एडमिशन की प्रतीक्षा कर रही थी। उसे मासिक धर्म के दौरान अक्सर अत्यधिक पेट दर्द का सामना करना पड़ता था। हाल ही जब उसे फिर से ऐसा दर्द हुआ, तो उसने दर्द से राहत पाने के लिए बिना किसी चिकित्सकीय परामर्श के अधिक मात्रा में दवाइयां ले लीं। कुछ ही समय बाद उसकी तबीयत बिगडऩे लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। उसके माता-पिता उसे तुरंत नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) ले गए, जहां उसे प्राथमिक उपचार दिया गया और घर भेज दिया गया। लेकिन घर पहुंचते ही उसकी हालत और बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। उसे महात्मा गांधी मेमोरियल सरकारी अस्पताल (एमजीएमजीएच) में भर्ती कराया गया, जहां उसका और इलाज किया गया, लेकिन दुर्भाग्य से उसकी मृत्यु हो गई।
गलत दवा सेवन का घातक परिणाम
पुलिस के अनुसार, लडक़ी द्वारा अधिक मात्रा में दर्द निवारक दवाइयां लेने से उसके शरीर में जटिलताएं उत्पन्न हो गई, जो कि उसकी मृत्यु का कारण बनीं। उसके पिता की शिकायत पर पुलिस ने अप्राकृतिक मृत्यु का मामला दर्ज किया है और इस घटना की जांच की जा रही है।
जागरूकता की दरकार
यह घटना हमें एक महत्वपूर्ण संदेश देती है कि स्वास्थ्य समस्याओं के लिए आत्म-उपचार करना कितना खतरनाक हो सकता है। विशेष रूप से युवा लड़कियों और महिलाओं को मासिक धर्म के दौरान होने वाले दर्द के लिए सही परामर्श और इलाज की जानकारी होनी चाहिए। गलत दवाइयों का सेवन न केवल स्वास्थ्य के लिए घातक हो सकता है, बल्कि ज़िंदगी भी छिन सकती है। इस दुखद घटना से हमें यह सीखना चाहिए कि स्वास्थ्य समस्याओं को गंभीरता से लेकर सही समय पर चिकित्सकीय परामर्श लेना चाहिए। साथ ही, परिवार और समाज को भी इस तरह की समस्याओं के प्रति संवेदनशील और जागरूक होना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
Published on:
30 Aug 2024 04:08 pm
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