
इंदौर. ढोल-नगाड़ों की थाप, डीजे की धुन, आसमान में उड़ता गुलाल और रंगों में सराबोर होने के लिए शहर तैयार है। रंगपंचमी पर निकलने वाली विश्वप्रसिद्ध गेर एक बार फिर इंदौर की गलियों को रंगों के उत्सव में रंगने आ रही है। 8 मार्च को रंगपचंमी पर शहर का मध्य क्षेत्र एक बार फिर रंगीन हो उठेगा। अपने 77वें वर्ष में प्रवेश करने जा रही है इंदौर की ऐतिहासिक गेर में कई आर्कषण देखने को मिलेंगे। भगवान भोलेनाथ, कृष्ण लोगों पर रंगों की बौछार करेंगे। कनाड़ा, यूके से मेहमान गेर में शरीक होंगे। रंगपंचमी पर लाखों लोग कई रंगों में नजर आएंगे।
शेखर गिरी कहते हैं कि हर बार की तरह इस बार पारंपरिक गेर निकालने की तैयारी पूरी हो चुकी है। 7 मिसाईलें 100 से 150 फीट उपर तक रंग उड़ाएगी। 1 बोरिंग मशीन 100 फीट उपर तक रंग उड़ाएगी। दो बैंड, दो डीजे, ट्रालियां भी शामिल होंगी। गिरी ने बताया कि 350 किलो गुलाल उड़ाया जाएगा। टोरी कॉर्नर से इसी गेर से रंगों का कारवां शुरू होगा।
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संस्था सृजन के कमलेश खंडेलवाल ने बताया कि इस बार कई आर्कषण लेकर आ रहे हैं। भोलेनाथ की जटा और श्रीकृष्ण की पिचकारी से रंगों की बौछार की जाएगी। भोलेनाथ और श्रीकृष्ण की झांकी आर्कषण का केंद्र है। हर बार की तरह इस बार भी सतरंगी मिसाईलचारो ओर रंग उड़ाते हुए चलेगी। इसके अलावा ट्राले, भजन मंडली और डीजे की गाडिय़ां भी शामिल होगी।
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आयोजक अभिमन्यू मिश्रा ने बताया कि इस बार गेर में कनाडा और यूके से विदेशी मेहमान शामिल होने आ रहे हैं। उनके लिए अलग गाड़ी तैयार की जा रही है। 15 ब्लोअर मशीन, 1 बोरिंग मशीन, 6 मिसाईल गाडिय़ां, 100 बाउंसर, 6 ट्रेक्टर ट्राली से रंग उड़ाते हुए चलेंगे। 50 ढोल और 6 डीजे गाडिय़ां भी शामिल होंगी। 5 हजार किलो गुलाल उड़ाया जाएगा।
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संयोजक राजपाल जोशी ने बताया कि ओल्ड राजमोहल्ला स्थित हरिराम मंदिर पर पूजन के पश्चात गेर प्रारंभ होगी। करीब 40 वाहन शामिल रहेंगे, सभी वाहन भगवा ध्वजों से सुसज्जित रहेंगे। पांच टैंकर, 50 फीट ऊंचाई तक मार करने वाली मिसाइल के साथ रहेंगे, सबसे आगे 10 ई रिक्शा इंदौर के नवाचार को बताती हुई चलेंगी। एक झांकी लव जिहाद के ज्वलंत मुद्दे को दर्शाती हुई बनाई गई है। 3 हजार किलो गुलाल उड़ाया जाएगा।
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फाग यात्रा नरसिंह बाजार स्थित बद्रीनारायण मंदिर से निकलेगी। हिन्द रक्षक संगठन के संयोजक एकलव्य लक्ष्मणसिंह गौड़ ने बताया यात्रा में महाकाल मंदिर की प्रतिकृति बनाई गई है जिसमे महाकाल विराजेंगे। नंदी पर बैठे महादेव की झांकी भी रहेगी। यात्रा मे टेसू के फूलों और अरारोट से बनी प्राकृतिक गुलाल का ही प्रयोग किया जाएगा। भजन मंडली, ध्वज वाहिका समेत बड़ी संख्या में महिलाएं शामिल होंगी।
Updated on:
06 Mar 2026 12:29 am
Published on:
06 Mar 2026 12:23 am
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