
फिनटेक प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा….
नई दिल्ली. भारत में डिजिटल भुगतान का दायरा लगातार तेज़ी से बढ़ रहा है। स्मार्टफोन, इंटरनेट और यूपीआइ आधारित भुगतान प्रणालियों के विस्तार के चलते फिनटेक प्लेटफॉर्म रोजमर्रा की अर्थव्यवस्था का अहम हिस्सा बनते जा रहे हैं। इस सेक्टर में डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म PhonePe ने 2025 में रेकॉर्ड 147 ट्रिलियन रुपए के लेनदेन दर्ज किए हैं। वहीं गूगल पे से 92 ट्रिलियन रुपए, पेटीएम 15 ट्रिलियन रुपए और क्रेड से 6 ट्रिलियन रुपए के लेन—देन किए गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, प्लेटफॉर्म उपयोगकर्ताओं का पैसा अपने पास नहीं रखता, बल्कि बैंकिंग प्रणाली के साथ मिलकर भुगतान प्रोसेस करता है। इसके बावजूद बड़े पैमाने पर होने वाले ट्रांजैक्शन के कारण फिनटेक इकोसिस्टम में इसकी भूमिका लगातार मजबूत हो रही है। सितंबर 2025 तक PhonePe पर करीब 650 मिलियन पंजीकृत उपयोगकर्ता थे। वित्त वर्ष 2025 के दौरान प्लेटफॉर्म पर लगभग 132 बिलियन ट्रांजैक्शन दर्ज किए गए। इसके अलावा 30 सितंबर 2025 को समाप्त हुई छमाही में करीब 156 मिलियन दैनिक सक्रिय उपयोगकर्ता प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रहे थे।
अब बड़े भुगतान भी इन्हीं प्लेटफार्म से
डिजिटल भुगतान ऐप अब केवल कभी-कभार इस्तेमाल होने वाली सेवा नहीं रह गए हैं। उपभोक्ता रोजमर्रा के कई छोटे-बड़े भुगतान इन्हीं प्लेटफॉर्म के जरिए कर रहे हैं, जैसे किराना खरीदारी, ऑटो या टैक्सी का किराया, रेस्टोरेंट बिल और अन्य खुदरा भुगतान। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल ट्रांजैक्शन डेटा के आधार पर भविष्य में ऐसे प्लेटफॉर्म व्यापारियों को वर्किंग कैपिटल लोन, बीमा और अन्य वित्तीय सेवाओं से भी जोड़ सकते हैं।
Updated on:
06 Mar 2026 12:37 am
Published on:
06 Mar 2026 12:37 am
