
Berojgar Neta: दिल्ली सरकार के हेवी वेट मंत्री रहे सौरभ भारद्वाज अब यूट्यूबर बन गए हैं और उन्होंने अपने चैनल का नाम बेरोजगार नेता रखा है। भारद्वाज आप के एक प्रमुख नेता होने के नाते, स्वास्थ्य, शहरी विकास, पर्यटन, कला और संस्कृति, उद्योग और बाढ़ नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभालते थे। उनका काम इतना व्यस्त था कि वो दिल्ली की सरकार में एक काफी प्रभावशाली और सक्रिय नेता के रूप में जाने जाते थे। लेकिन, 8 फरवरी 2025 को दिल्ली विधानसभा चुनाव के नतीजों के बाद, आप को हार का सामना करना पड़ा और भारद्वाज की अपनी ग्रेटर कैलाश (जीके) सीट पर बीजेपी के शिका रॉय के हाथ 3,100 वोटों के अंतर से हार गए।
अब, अपने राजनीतिक करियर के बाद, भारद्वाज ने एक नया और आश्चर्यजनक कदम उठाया है—उन्हें अपना यूट्यूब चैनल बेरोजगार नेता जी लॉन्च किया। ये नाम उनके नये "बेरोजगार" स्टेटस को थोड़ा हास्य के साथ दिखाता है। अपने पहले वीडियो में, चुनाव नतीजों के बाद अपनी जिंदगी में आए बदलाव को स्वीकार किया, और कहा, “हम जैसे नेताओं के लिए ये एक 180-डिग्री फ्लिप है। अब हम बेरोजगार हैं।”
भारद्वाज ने ये भी कहा कि उनका पहला आईटी प्रोफेशनल होना उनके लिए अब मुश्किल हो गया है, क्योंकि टेक्नोलॉजी और सेक्टर काफी विकसित हो गया है और कंपनियों में राजनेताओं को हायर करने में भी झिझक होती है। इसलिए, उन्हें ये स्पष्ट करना चाहिए कि उनको अपनी आजीविका के लिए पैसा कमाना जरूरी है, और ये गलतफहमी दूर है, जो लोग समझते हैं कि एमएलए या एमपी बनने के बाद किसी को पैसे की जरूरत नहीं होती। उन्हें अपनी टीम का भी जिक्र किया, जो चैनल के माध्यम से उनको मदद करने वाली है।
उनका चैनल सिर्फ एक करियर शिफ्ट नहीं है, बल्कि वह अपनी कहानी और अपने अनुभव को लोगों के साथ सीधे शेयर करना चाहते हैं। भारद्वाज ने अपने फॉलोअर्स को इनवाइट किया है कि वो उनसे सवाल पूछें, और उनका दृष्टिकोण जानने की कोशिश करें। चुनाव लड़ने के बाद एक राजनेता का जीवन किस तरह से बदलता है, इसके बारे में वो अपनी निजी यात्रा साझा करेंगे। इस तरह से उनका यूट्यूब चैनल एक अनूठा परिप्रेक्ष्य प्रदान करेगा, जो अक्सर राजनेता नहीं देते हैं।
चैनल का नाम बेरोजगार नेता जी एक आत्म-निंदापूर्ण टिप्पणी है, जो उनके राजनीतिक करियर के बदले हुए हालात को दिखाता है, लेकिन साथ ही ये उनकी अनुकूलनशीलता और नए प्लेटफार्मों को गले लगाने की इच्छा को भी दिखाता है। वो अपने हर समर्थक को ये बताना चाहते हैं कि उनकी जीत और हर दोनों के अनुभवों के बारे में वो खुद से सीधे बात करेंगे। ये उनका एक नया तरीका है अपने समर्थकों के साथ जुड़ने का—एक तरह का व्यक्तिगत और स्पष्ट कनेक्शन, जो पारंपरिक राजनीतिक संचार से हटके है।
भारद्वाज का यह दृष्टिकोण आज के डिजिटल युग में राजनेताओं को फिर से परिभाषित कर सकता है, जहां पारदर्शिता और प्रत्यक्ष जुड़ाव ज्यादा महत्वपूर्ण हो गया है। वो अपने दर्शकों के साथ अपनी जर्नी शेयर कर रहे हैं, जो ना सिर्फ उनके समर्थकों को एक नई समझ दे सकता है, बल्कि उनकी हर बात की वास्तविकताओं को भी समझने में मदद करेगी।
Updated on:
13 Feb 2025 10:02 am
Published on:
13 Feb 2025 09:54 am

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