
अश्लील वीडियो और यौन उत्पीड़न मामले में करीब तीन सप्ताह से 'फरार' हासन के सांसद प्रज्वल रेवण्णा की मुश्किलें बढ़ गई हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और जनता दल-एस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एच.डी. देवगौड़ा के पोते प्रज्वल के खिलाफ शहर की एक विशेष अदालत ने शनिवार को गिरफ्तारी वारंट जारी किया। प्रज्वल के खिलाफ बलात्कार के तीन मामले दर्ज किए गए हैं और इन मामलों में प्रज्वल के खिलाफ यह वारंट है।
निर्वाचित प्रतिनिधियों की विशेष अदालत ने शनिवार को विशेष जांच दल (एसआइटी) की अर्जी पर वारंट जारी किया। यह वारंट 28 अप्रेल को होलेनरसीपुर टाउन पुलिस स्टेशन में दर्ज एक मामले में जारी किया गया है। प्रज्वल के पिता व पूर्व मंत्री एच.डी. रेवण्णा की पूर्व घरेलू सहायिका की शिकायत के आधार पर पिता-पुत्र के खिलाफ यौन उत्पीड़न का मामला दर्ज किया गया था। हालांकि, बाद में मजिस्ट्रेट के सामने पीड़िता के बयान के आधार पर प्रज्वल पर बलात्कार का मामला दर्ज किया गया, जबकि रेवण्णा को इस मामले में केवल यौन उत्पीड़न के आरोपों का सामना करना पड़ रहा है। इस मामले में विशेष अदालत ने रेवण्णा की अंतरिम जमानत बढ़ाते हुए अग्रिम जमानत अर्जी पर शुक्रवार को सोमवार तक आदेश सुरक्षित रख लिया था। प्रज्वल प्रकरण की एक पीडि़ता के अपहरण के मामले में एसआइटी ने रेवण्णा को गिरफ्तार किया था। उस मामले में जमानत मिलने के बाद रेवण्णा मंगलवार को जेल से रिहा हुए थे।
गौरतलब है कि पिछले महीने अश्लील वीडियो वायरल होने के बाद प्रज्वल के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की जांच के लिए सरकार ने एसआइटी का गठन किया था मगर उससे पहले ही प्रज्वल राजनयिक पासपोर्ट का उपयोग कर विदेश चले गए। लोकसभा चुनाव में प्रज्वल हासन से जनता दल-एस के उम्मीदवार थे और 26 अप्रेल को मतदान होने के बाद प्रज्वल 27 अप्रेल की सुबह जर्मनी चले गए। एसआइटी के दो बार समन जारी करने के बावजूद प्रज्वल पूछताछ के लिए पेश नहीं हुए। इसके बाद एसआइटी के आग्रह पर इंटरपोल ने प्रज्वल के खिलाफ ब्लू कॉर्नर नोटिस जारी किया जा चुका है। इंटरपोल ने अपने 196 सदस्य देशों से प्रज्वल के मौजूदा स्थान के बारे में जानकारी मांगी थी मगर अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है।
स्वदेश लौटने को लेकर अनिश्चितता सूत्रों के मुताबिक यह प्रज्वल काका पासपोर्ट रद्द करने की दिशा में पहला कदम हो सकता है, जो उसे घर लौटने के लिए मजबूर करेगा। मुख्यमंत्री सिद्धरामय्या ने 1 मई को प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर प्रज्वल के राजनयिक पासपोर्ट को रद्द करने में हस्तक्षेप की मांग की थी, ताकि प्रज्वल को स्वदेश लौटने और कानूनी प्रक्रिया का सामना करने के लिए मजबूर होना पड़े। हालांकि, अब तक प्रज्वल का पासपोर्ट रद्द नहीं किया गया है। खुफिया सूत्रों के अनुसार प्रज्वल ने कई देशों की यात्रा जहां भारतीय सांसद के तौर पर राजनयिक पासपोर्ट से उन्हें बिना वीजा के प्रवेश मिलता है। 27 अप्रेल को जर्मनी के लिए रवाना होते समय प्रज्वल ने 15 मई को बेंगलूरु के लिए वापसी का टिकट बुक किया था, जिसे हाल ही में अंतिम समय में रद्द कर दिया था। सूत्रों ने कहा कि 4 जून को लोकसभा चुनाव परिणाम घोषित होने से पहले उनके लौटने की संभावना नहीं है।
Updated on:
19 May 2024 12:08 am
Published on:
18 May 2024 10:12 pm
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