
राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना
प्रदेश में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने गोपालकों की मदद के लिए हाथ बढ़ाए हैं। सरकार के द्वारा शुरू की गई राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत प्रदेश के गोपालकों को एक लाख रुपए तक का ऋण बिना ब्याज देने का प्रावधान किया गया है। संभावना जताई जा रही है कि इस अल्पकालीन और ब्याज मुक्त ऋण से गोपालकों को काफी राहत मिलेगी। इसके लिए सहकारी बैंकों और दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इस योजना के तहत 25 सितंबर से 9 अक्टूबर तक कैंप लगाना शुरू कर दिए गए हैं।
पशुपालक एसएसओ आईडी से ऑनलाइन आवेदन कर सकता है। प्राप्त लोन राशि को 12 सामन किश्तों में चुकाना होगा। प्रथम चरण में 5 लाख गोपालक परिवारों को ऋण उपलब्ध कराये जायेंगे और इस योजना पर आगामी वर्ष 150 करोड़ रुपये खर्च होंगे। उन्होंने बताया कि गोपालको को ऋण के लिये ऑनलाईन आवेदन के लिउ राज्यभर के जिला दुग्ध संघों को पैक्स बैंक के साथ मिलकर ब्लॉक स्तर पर कैम्प आयोजित करने के निर्देश जारी कर दिये गये हैं।
राजस्थान सहकारी गोपाल क्रेडिट कार्ड ऋण योजना के तहत लोन लेने के लिए स्थानीय डेयरी सहकारी समिति का सदस्य होना जरूरी है। इसके अतिरिक्त प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना आवश्यक है। इसके अतिरिक्त आवेदनकर्ता के द्वारा दूध का बेचान डेयरी सहकारी समिति को करता हो। यानी यदि कोई पशु पालक सहकारी डेयरी संघ का सदस्य नहीं है और दूध का बेचान किसी निजी डेयरी को करता है तो वो योजना के तहत पात्र नहीं होगा।
समय पर लोन न चुकाने पर 10.25 फीसदी लगेगा ब्याज
योजना के तहत पात्र इच्छुक गोपालक अधिकतम एक लाख रुपए तक का लोन ले सकता है। इस ऋण राशि को उसे 12 माह में किश्त दर किश्त चुकाना होगा। यदि 12 माह में लोन नहीं चुकाया जाता है तो बैंक 10.25 फीसदी की दर से ब्याज लेगा।
इन कामों के लिए मिलेगा ऋण
- गोवंश के लिए शेड
- खेली निर्माण
- दूध/चारा/बाटा संबंधित उपकरणों के लिए
- डेयरी से संबंधित गतिविधियों के लिए
पात्रता की ये हैं शर्तें
एक गोपालक परिवार से एक ही सदस्य को लोन मिलेगा
- आवेदक के पास जनआधार और आधार कार्ड होना आवश्यक है
- सिबिल स्कोर 600 होना आवश्यक
- योजना प्रक्रिया निशुल्क है
इनका रखना होगा विशेष ध्यान
योजना के तहत स्वीकृत साख-सीमा का प्रतिवर्ष नवीनीकरण करवाना आवश्यक होगा
- समय पर नवीनकृत नहीं कराने वाले ऋणी से 2 प्रतिशत की दर से दंडनीय ब्याज वसूली की जाएगी।
- ऋण से सृजित चल एचं अचल संपत्तियों पर बैंक का भार दर्ज कराना आवश्यक होगा
- सीजीटीएमएसई से ऋण गारंटीड या सीजीटीएमएसई सदस्यता नहीं होने पर 2 राजकीय कर्मचारियों से गारंटी या ऋण राशि को 1.5 गुना मूल्य की स्थायी संपत्ति आदि ऋणी द्वारा बैंक को रहन रखनी होगी।
वागड़ में 12 हजार डेयरी संघ सदस्य
बांसवाड़ा : 6437
डूंगरपुर : 6115
शुरू हुए कैंप, 15 दिन तक लगेंगे
पशुपालन को बढ़ावा और पशुपालकों को सबंल देने के उद्देश्य से सरकार की ओर से ऋण योजना शुरू की गई। इसके तहत एक लाख रुपए तक का अधिकतम लोन देने का प्रावधान है। बुधवार से कैंपा लगना शुरू हो गए है। - परेश पंड्या, प्रबंध निदेशक, सीसीबीबांसवाड़ा
Published on:
26 Sept 2024 09:32 pm
