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सर्द रात में उजड़ा आशियाना: बाड़मेर में मां और 4 मासूमों को पुलिस ने सड़क पर छोड़ा, छिन गई सिर की छत

बाड़मेर के शिवनगर में पुलिस कार्रवाई ने इंसानियत को झकझोर दिया। 15 जनवरी को पुलिस ने पदमा देवी और उसके चार नाबालिग बच्चों को कथित कुर्की आदेश के तहत मकान से बाहर निकाल दिया। महिला का कहना है कि घर उनका खरीदा हुआ है।

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Barmer

पांच दिन से खुले आसमान तले परिवार (फोटो- पत्रिका)

Barmer News: बाड़मेर शहर के शिवनगर क्षेत्र में पांच दिन पहले पुलिस और प्रशासन की एक कार्रवाई ने इंसानियत को झकझोर कर रख दिया। पुलिस जाब्ते की मौजूदगी में एक महिला और उसके चार नाबालिग बच्चों को उनके कथित रहवासी मकान से बाहर निकालकर सड़क पर छोड़ दिया गया। सर्द रात में सिर से छत छिनने के बाद मां अपने मासूम बच्चों के साथ खुले आसमान के नीचे रहने को मजबूर हो गई।

बता दें कि घटना 15 जनवरी 2026 की है। जब पुलिस थाना सदर बाड़मेर की टीम करीब 50 पुलिस कार्मिकों और आठ महिला कांस्टेबलों के साथ शिवनगर स्थित टीप योजना के सामने एक मकान पर पहुंची।

आरोप है कि पुलिस ने पदमादेवी और उसके चार नाबालिग बच्चों 16 वर्षीय लालपुरी, 12 वर्षीय सरस्वती, 10 वर्षीय रागी और 3 वर्षीय पूनम को जबरन मकान से बाहर निकाल दिया। घर का सामान भीतर ही छोड़कर मकान पर ताला लगा दिया गया, जिससे महिला और बच्चे ठंड में सड़क पर रहने को मजबूर हो गए।

पदमा देवी का कहना है कि यह मकान उनका स्वयं का खरीदसुदा और वर्षों से रहवासी परिसर है। जहां वह पिछले 5-6 वर्षों से अपने परिवार के साथ रह रही हैं। दूसरी ओर, नर्बदा देवी पत्नी मोहनलाल जाटिया ने उपखंड मजिस्ट्रेट के समक्ष परिवाद प्रस्तुत कर मकान को किराएदारी बताते हुए कुर्क करवाने की मांग की थी। आरोप है कि बिना पक्ष सुने ही 31 दिसंबर 2025 को उपखंड मजिस्ट्रेट ने कुर्की का आदेश जारी कर दिया।

नियमों के तहत हुई कार्रवाई

एसडीओ के आदेश पर मकान कुर्क किया गया है, पुलिस ने नियमों के तहत कार्रवाई की है।
-करतार सिंह, थानाधिकारी, सदर