7 मार्च 2026,

शनिवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बाड़मेर में पार्क ना के बराबर.. बदहाली ने और​बिगाड़ा खेल

-लोगों की पीड़ा उनकी जुबानी बाड़मेर शहर में नगर परिषद की ओर से संचालित सार्वजनिक पार्कों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई पार्कों में हरियाली कम है, बच्चों के झूले टूटे पड़े हैं और व्यायाम के उपकरण भी खराब हो चुके हैं। ऐसे में टहलने और समय बिताने आने वाले लोगों को परेशानियों का […]

less than 1 minute read
Google source verification

-लोगों की पीड़ा उनकी जुबानी

बाड़मेर शहर में नगर परिषद की ओर से संचालित सार्वजनिक पार्कों की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है। कई पार्कों में हरियाली कम है, बच्चों के झूले टूटे पड़े हैं और व्यायाम के उपकरण भी खराब हो चुके हैं। ऐसे में टहलने और समय बिताने आने वाले लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

- कई पार्कों की हालत खराब है। नगर परिषद को स्थायी मॉनिटरिंग कमेटी बनाकर समय-समय पर निरीक्षण करवाना चाहिए। - मनोज दवे

- कई जगह झूले टूटे हैं, लाइटें और व्यायाम उपकरण खराब पड़े हैं, जिससे बच्चों और बुजुर्गों को परेशानी होती है। - दामोदर कुमार

- पार्कों में असामाजिक तत्वों पर अंकुश लगाने के लिए प्रभावी कदम जरूरी है। - कानाराम

- पार्कों में बेंच, लाइट और पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं बढ़ाने की जरूरत है। - राजेन्द्रसिंह सिंह