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ईरान युद्ध का असर: साठ रुपए महंगा हुआ रसोई गैस सिलेंडर

- महंगाई की मार: घरेलू सिलेंडर अब 946 रुपए पहुंचा, जिले में सवा पांच लाख उपभोक्ता

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श्रीगंगानगर. ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहे युद्ध का असर अब आम लोगों की रसोई तक पहुंचने लगा है। पेट्रोलियम ऑयल कंपनियों ने शनिवार को घरेलू गैस सिलेंडर के दाम में 60 रुपए की बढ़ोतरी कर दी है। अब 14 किलोग्राम वजन वाले घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत 886 रुपए से बढ़कर 946 रुपए प्रति सिलेंडर हो गई है। कीमतों में बढ़ोतरी से जिले के लाखों उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ेगा। श्रीगंगानगर एलपीजी एसोसिएशन के अध्यक्ष पंकज नागपाल ने बताया कि जिला मुख्यालय पर सात गैस एजेंसियां संचालित हो रही हैं, जिनके पास करीब डेढ़ लाख से अधिक गैस कनेक्शनधारक हैं। वहीं पूरे जिले में लगभग 50 गैस एजेंसियां कार्यरत हैं और कुल मिलाकर करीब सवा पांच लाख उपभोक्ता एलपीजी गैस का उपयोग कर रहे हैं। नागपाल के अनुसार अंतरराष्ट्रीय हालात और युद्ध की स्थिति यदि आगे भी इसी तरह बनी रहती है तो आने वाले दिनों में रसोई गैस के दामों में और बढ़ोतरी होने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।



रसोई गैस के दाम छह माह में दूसरी बार बढे



गैंस एजेसियों के संचालकों के अनुसार छह माह पहले भी ऑयल कंपनियों ने रसोई गैस के दाम पचास रुपए प्रति सिलेंडर की दर से बढ़ाए थे। पहले यह गैस सिलेंडर 836 रुपए था लेकिन पचास रुपए की बढ़ोत्तरी के साथ 886 रुपए प्रति सिलेंडर दाम निर्धारित किया गया था। अब खाड़ी देशों में युद्ध के कारण पेट्रोलियम पदार्थो के आयात प्रक्रिया प्रभावित होते देख साठ रुपए प्रति सिलेंडर के दाम बढ़ा दिए गए है। अगले सप्ताह तक खाड़ी देशों में युद्ध का दौर जारी रहा तो फिर से महंगाई की मार तय है।