
महोबा रोड पर जानलेवा गड्ढे
शहर की प्रमुख सडक़ों में गिनी जाने वाली महोबा रोड आज भ्रष्टाचार, घटिया निर्माण और टेलीकॉम कंपनियों की मनमानी का जीता-जागता उदाहरण बन चुकी है। डेढ़ साल पहले ही करीब दो करोड़ रुपए की लागत से बनाई गई इस सडक़ पर अब गड्ढे, दरारें और धंसाव लोगों को परेशान कर रहे हैं। सवाल यह है कि जब रोड अभी भी गारंटी पीरियड में है, तो फिर इसकी जिम्मेदारी कौन लेगा?
सूत्र बताते हैं कि नपा के अफसरों की कमीशनखोरी और ठेकेदार की लापरवाही इस सडक़ के बदहाली की पहली वजह है। तनुष्का कंस्ट्रक्शन कंपनी ने निर्माण के दौरान डामर की मोटाई मानक से कम रखी। परिणाम यह हुआ कि बारिश के पहले ही साल में जगह-जगह दरारें आ गईं और रोड बैठने लगी।
रही-सही कसर पूरी कर दी एयरटेल कंपनी की प्रेशर मशीन ड्रिलिंग ने। बिना पर्याप्त सुरक्षा उपायों के ड्रिलिंग से सडक़ की अंदरूनी परत खोखली हो गई। भारी वाहनों के गुजरने पर रोड नीचे से धंस रही है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, महोबा रोड पर पांच बार केबल डालते समय पाइप लाइन टूटी, जिससे पेयजल सप्लाई तक प्रभावित हुई।
तकनीकी विशेषज्ञ बताते हैं कि नई सडक़ों के शोल्डर से 5 मीटर दूरी तक खनन और खुदाई प्रतिबंधित है। इसके बावजूद महोबा रोड पर गुरुद्वारे और हनुमान मंदिर के पास टेलीकॉम कंपनी ने खुदाई कर डाली। हैरानी की बात यह है कि नगरपालिका ने कंपनियों को क्षेत्रवार अनुमति देकर नए-नए बने रोड को खोदने की छूट दे रखी है।
जनता पूछ रही है कि आखिर जब लाखों-करोड़ों खर्च कर सडक़ बनाई जाती है, तो फिर गारंटी पीरियड में उसकी जवाबदेही क्यों तय नहीं होती? वहीं नपा अफसरों पर सवाल है कि वे टेलीकॉम कंपनी पर कार्रवाई क्यों नहीं कर रहे? आरोप है कि इस पूरे खेल में लाखों रुपए की कमीशनखोरी हो रही है।
केवल महोबा रोड ही नहीं, बल्कि सौरा रोड, नारायणपुरा, आकाशवाणी तिराहा, सनसिटी कॉलोनी और सागर रोड पर भी टेलीकॉम कंपनी की खुदाई से करोड़ों की सडक़ें बर्बाद हो चुकी हैं।
माधुरी शर्मा सीएमओ नगरपालिका ने कहा महोबा रोड में यदि टेलीकॉम कंपनी के कारण क्षति हुई है तो जांच कराई जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
Updated on:
29 Aug 2025 10:24 am
Published on:
29 Aug 2025 10:23 am
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