
भीलवाड़ा. भीलवाड़ा और शाहपुरा जिले में अघोषित बिजली कटौती से ग्रामीणों को हो रही परेशानी और सुविधा शुल्क लेकर ठेकदारों के माध्यम से किए जा रहे नए कनेक्शन के विरोध में कांग्रेस हल्ला बोलेगी। इसे लेकर जिला कांग्रेस मंगलवार को डिस्कॉम के अधीक्षण अभियंता को सात सूत्रीय ज्ञापन सौंपेगी व व्यवस्था में बदलाव के लिए दस दिन की मोहलत देगी। उसके बाद भी व्यवस्था नहीं सुधरी तो एसई का घेराव किया जाएगा। इसे लेकर जिला कांग्रेस ने रणनीति बनाई है। घेराव में दोनों जिलों के हजारों लोग शामिल होंगे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव धीरज गुर्जर ने शनिवार को सर्किट हाउस में पत्रकार वार्ता में कहा कि दोनों जिलों में बिजली कटौती से किसान, मजदूर, युवा, बच्चे और आमजन परेशान है। दिन हो या रात, घंटों बिना सूचना बिजली काटी जाती है। आमजन की दिनचर्या प्रभावित हो रही है। रात में बच्चे पढ़ नहीं पाते। ग्रामीणों के फोन लाइनमैन और अफसर उठाते नहीं है। मामूली बूंदाबांदी में बिजली काट दी जाती है। तार टूटने पर दो-दो दिन मरम्मत नहीं करते।
कांग्रेस नेता ने कहा कि गांवों में कई जगह ट्रांसफार्मर जले हैं, जिन्हें बदला नहीं गया। गांवों में डिमांड राशि जमा होने के बाद भी कनेक्शन नहीं दिया जा रहा। कनेक्शन में वरीयता नजरअंदाज की जा रही है। डिस्कॉम कर्मचारी ठेकेदारों के माध्यम से सुविधा शुल्क लेकर कनेक्शन जोड़ रहे हैं। जिलेभर में बिजली के तार झूल रहे हैं। आए दिन हादसे हो रहे हैं, लेकिन अफसर मूकदर्शक बने है। जिलाध्यक्ष अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जनता को राहत देने के लिए बिजली बिलों में फ्यूल चार्ज बंद कर दिया था। भाजपा सरकार ने इसे बंद कर जनता पर भार डाल दिया।
इसे लेकर आंदोलन किया जाएगा। दोनों जिलों में कांग्रेस कार्यकर्ता और पदाधिकारी एसई को ज्ञापन देंगे। इस दौरान पूर्व विधायक गायत्री देवी त्रिवेदी, जिलाध्यक्ष कैलाश व्यास, अनिल डांगी, नरेन्द्र रेगर, पूर्व सभापति मंजू पोखरना, महेश सोनी, जेपी खटीक आदि मौजूद थे।
Updated on:
21 Jul 2024 11:32 am
Published on:
21 Jul 2024 11:32 am
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