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टेक्सटाइल सिटी में कचरा संग्रहण अब ‘स्मार्ट’, डोर-टू-डोर व्यवस्था हुई हाईटेक

भीलवाड़ा। टेक्सटाइल सिटीको स्वच्छता के शिखर पर ले जाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाते हुए अब इसे यूजर चार्ज से जोड़ दिया है। निगम ने नई व्यवस्था के तहत न केवल कचरा गाड़ियों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि हर घर […]

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bhilwara nagar nigam

bhilwara nagar nigam

भीलवाड़ा। टेक्सटाइल सिटीको स्वच्छता के शिखर पर ले जाने के लिए नगर निगम ने कमर कस ली है। शहर की डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को पूरी तरह हाईटेक बनाते हुए अब इसे यूजर चार्ज से जोड़ दिया है। निगम ने नई व्यवस्था के तहत न केवल कचरा गाड़ियों की संख्या बढ़ाई है, बल्कि हर घर की निगरानी के लिए आरएफआईडी तकनीक का भी सहारा लिया है।

दो चरणों में लागू होगा यूजर चार्ज

नगर निगम ने वित्तीय प्रबंधन और बेहतर सेवाओं के लिए उपभोक्ताओं से यूजर चार्ज वसूलने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रथम चरण में वाणिज्यिक श्रेणी के संस्थानों से चार्ज लिया जा रहा है। दूसरे चरण के तहत अब सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं से भी शुल्क वसूलने की तैयारी पूरी हो चुकी है। यह व्यवस्था जनवरी माह से ही प्रभावी मान ली गई है।

कचरा संग्रहण की 'डिजिटलनिगरानी'

निगम से अनुबंधित 'नेचर ग्रीन कंपनी' घर-घर जाकर आरएफआईडी कार्ड लगा रही है। कंपनी के निदेशक लक्ष्मण बंग ने बताया कि कार्ड लगने से प्रत्येक घर की केवाईसी (नो योर कस्टमर) प्रक्रिया पूरी होगी। उपभोक्ताओं को अपना नाम, मोबाइल नंबर और ओटीपी देना होगा। इससे यह सुनिश्चित होगा कि ऑटो टिपर हर घर तक पहुंच रहा है या नहीं।"

चार्ज नहीं तो कचरा भी नहीं

कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यूजर चार्ज का भुगतान अनिवार्य है। भुगतान के बदले निगम द्वारा तुरंत रसीद दी जाएगी। जो उपभोक्ता चार्ज देने से इनकार करेंगे, उनकी सूची बनाकर निगम को सौंपी जाएगी, जिसके बाद भारी जुर्माने के साथ वसूली की जाएगी। साथ ही, भुगतान न करने वाले घरों से कचरा उठाना भी बंद किया जा सकता है।

70 से बढ़कर 130 हुए ऑटो टिपर

नगर निगम आयुक्त हेमाराम चौधरी ने बताया कि शहर में सफाई व्यवस्था को चाक-चौबंद करने के लिए संसाधनों में भारी बढ़ोतरी की गई है। पहले जहां शहर में मात्र 70 ऑटो टिपर चलते थे, अब उनकी संख्या बढ़ाकर 130 कर दी गई है। वर्तमान में लगभग 99 फीसदी घरों से कचरा संग्रहण किया जा रहा है। शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, जिन 8000 घरों में टीम पहुंची, वहां 70 फीसदी लोगों ने सकारात्मक रुख दिखाते हुए चार्ज जमा करवाया है।

क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद

चौधरी ने बताया कि नगर निगम की इस 'हाईटेक' पहल से भीलवाड़ा की सफाई व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव की उम्मीद है। तकनीक और जवाबदेही के जुड़ाव से शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाने का लक्ष्य अब और करीब नजर आ रहा है।