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गुजरात सरकार भ्रष्ट सरकारी कर्मियों पर कसेगी नकेल

गुजरात विधानसभा का मानसून सत्र इस माह 21 से तीन दिनों के लिए प्रारंभ हो सकता है। राज्य सरकार इस सत्र में कई अहम विधेयक ला सकती है, जिसमें विशेषतौर पर सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के मामले उजागर होने से सरकार की किरकिरी हो रही है। ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों पर नकेल कसने के लिए विधेयक लाया जा सकता है।

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गुजरात विधानसभा

सरकारी महकमे में भ्रष्टाचार के मामले लगातार उजागर होने के बाद गुजरात सरकार ऐसे भ्रष्ट कर्मचारियों और अधिकारियों पर लगाम लगाने की तैयारी कर रही है। ऐसे मामले में उजागर होने से राज्य सरकार की छवि भी धूमिल हो रही है। इसके चलते विधानसभा के मानसून सत्र में भ्रष्ट सरकारी कर्मियों पर नकेल कसने के लिए विधेयक ला सकती है। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल की अध्यक्षता में हाल ही में हुई उच्च स्तरीय बैठक में की गई भ्रष्ट अधिकारियों-कर्मचारियों से सख्ती से निपटने को लेकर मंथन किया गया। तीन दिनों का मानसून सत्र 21 से 23 अगस्त तक चलेगा।

यह माना जा रहा है कि अपराधी और भ्रष्ट अधिकारियों की मिलीभगत करने वालों से निपटने के लिए राज्य सरकार रणनीति बना रही है। इसमें सम्पत्तियां जप्त करने तक का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही उनके परिवार की सम्पत्ति तक खंगाली जा सकती है। हाल ही में शिक्षकों और सरकारी कर्मियों से भर्ती से लेकर अब तक की सम्पत्ति का ब्यौरा भी मांगा है, जिसे ऑनलाइन जमा करने को निर्देश दिया है। साथ ही उनके परिजनों की सम्पत्ति का भी ब्योरा मांगा है। मानसून सत्र के दौरान फायर सेफ्टी से जुड़े अहम विधेयक सदन में पेश कर सकती है।

कांग्रेस ने कहा - दस दिनों का सत्र बुलाएं

उधर, विधानसभा में कांग्रेस के नेता अमित चावड़ा ने 10 दिवसीय मानसून सत्र बुलाने की मांग की है ताकि राजकोट के टीआरपी मॉल अग्निकांड व वडोदरा के हरणीकांड सहित अन्य हादसों के पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने को लेकर चर्चा हो सके। विपक्ष इन मुद्दों पर सरकार को घेर सकती है। सत्र के हंगामेदार रहने के आसार है।