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पर्याप्त पर्यावरणीय क्षति का सामना कर चुकी मानवताः हाईकोर्ट

अवैध खनन: आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सतलुज नदी में अवैध खनन के आरोपी एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि ‘मानवता पर्याप्त पर्यावरणीय क्षति का सामना कर चुकी है।’ मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने कहा कि नदी और पर्यावरण को […]

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Punjab and haryana high court on live in relationship

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अवैध खनन: आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज

चंडीगढ़. पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने सतलुज नदी में अवैध खनन के आरोपी एक व्यक्ति की अग्रिम जमानत याचिका को यह कहते हुए खारिज कर दिया कि 'मानवता पर्याप्त पर्यावरणीय क्षति का सामना कर चुकी है।' मुख्य न्यायाधीश शील नागू ने कहा कि नदी और पर्यावरण को हुए नुकसान को देखते हुए अवैध खनन के मामलों को गंभीरता से लेना आवश्यक है, भले ही संबंधित अधिनियम के तहत सजा कम हो।

अभियोजन के अनुसार, पुलिस ने अवैध खनन में लगी एक जेसीबी मशीन को पकड़ा था, जिसका चालक मौके से फरार हो गया। यह मशीन याचिकाकर्ता के नाम पर पंजीकृत थी। याचिकाकर्ता के वकील ने ग्राम पंचायत से मिले काम के प्रस्ताव का हवाला देते हुए दावा किया कि जेसीबी गांव में ठेके के काम में लगी थी। कोर्ट ने कहा कि जेसीबी घटनास्थल पर थी या नहीं, यह साक्ष्य पर निर्भर करता है और इससे जुड़ा विवाद ट्रायल कोर्ट के क्षेत्राधिकार में आता है। अग्रिम जमानत के लिए याचिका पर निर्णय करते हुए यह विवाद हाईकोर्ट के विचार का बिंदु नहीं है। हाईकोर्ट ने संदेह व्यक्त करते हुए कहा चूंकि ग्राम पंचायत से याची को मिले काम के प्रस्ताव की दिनांक और घटना की दिनांक एक ही है, इसलिए इससे इनकार नहीं किया जा सकता कि घटना के बाद यह फर्जी तरीके से तैयार किया गया हो।