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इंदौर यानी प्रेम का शहर- स्वानंद किरकिरे

स्थापना दिवस पर विशेष: संगीतकार-कलाकार स्वानंद किरकिरे बोले, शहर बना एक बड़ा ब्रांड, मुझे इसका गर्व रहता है...

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Pramod Mishra

Sep 30, 2023

इंदौर यानी प्रेम का शहर- स्वानंद किरकिरे

इंदौर यानी प्रेम का शहर- स्वानंद किरकिरे

इंदौर. इंदौरयानी प्रेम का शहर, मैं इंदौर की माटी हूं, जो शब्द संपदा मेरे पास है, वह इंदौर से ही मिली है, जिसके वजह से आज मैं लिख पाता हूं। एक रसीला मुहावरेदार वाक्य प्रयोग करना, यह मुझे इंदौर ने दिया, इंदौर ने अच्छी विनोद बुद्धि दी है। मालवा का जो प्रेम है वह बहुत काम आता है। इंदौर में ही मैं पला बढ़ा। बाल विनय मंदिर से स्कूली पढ़ाई की। इंदौर के बिना तो मैं खुद की कल्पना भी नहीं कर सकता। स्वानंद किरकिरे कहते हैं, लगातार छह बार स्वच्छता में सिरमौर रहने वाले इंदौर में पैदाइश होने से वे गर्व महसूस करते है। देश हो या विदेश, पूछा जाता है कि आप कहां से हो तो जवाब होता है इंदौर से....।

वे कहते है भारत का सबसे स्वच्छ शहर, मैं गर्व से कहता हूं.... जी। पत्रिका, इंदौर के स्थापना दिवस पर चर्चा में स्वानंद किरकिरे ने बधाई दी और बताया कि वे नेक्स्ट लेवल के इंदौर को सबसे सफल शहर के रूप में देखते हैं। उनसे कुछ इस तरह हुई चर्चा।

बंदे में था दम, वंदेमातरम...., बहती हवा सा था वो.... जैसे दमदार गाने लिखकर दो फिल्म फेयर अवॉर्ड जीतकर वाले इंदौर में जन्मे गीतकार, गायक, कलाकार स्वानंद किरकिरे की नजर में इंदौर यानी एक प्रेम का शहर है। कॅरियर के लिए शहर छोड़ने वाले स्वानंद कहते है...

Q. आपकी सफलता में इंदौर का कितना योगदान मानतेे हैं?

A. स्वानंद किरकिरे: सारा का सारा योगदान इंदौर का है। मैं इंदौर की माटी हूं, जो शब्द संपदा मिली है, जिसकी वजह से लिख पाता हूं वह मुझे इंदौर ने दिया है। इंदौर के बिना तो मैं खुद की कल्पना भी नहीं कर सकता।

Q. आप इंदौर को कितना ब्रांड मानते है?

A. स्वानंद किरकिरे: सबसे बड़ी बात है कि इंदौर की स्वच्छता का डंका हर जगह है। लंबे अंतराल के बाद कुछ समय पहले दिल्ली-मुंबई व विदेश से आए दोस्तों को लेकर इंदौर पहुंचा था। दोस्त इंदौर की सफाई व्यवस्था को देखकर दंग थे। जब उन्होंने कहा, कितना साफ शहर है, तब मन गर्व से भर उठा। जब मैं इंदौर छोड़कर निकला था वह अलग शहर था, पान-गुटखे से भरे लोगों का शहर था। अब इंदौर के वहां के प्रशासन व लोगों ने क्या बना दिया है। जन-जन में गर्व की भावना कर दी है। कोई गंदगी करें तो उसे अपराध बोध होता है। इंदौर बहुत बड़ा ब्रांड बन चुका है। जहां जाता हूं वहां चर्चे होते है।

(प्रमोद मिश्रा से हुई बातचीत के अंश।)

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