20 जनवरी 2026,

मंगलवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

सरकारी बोरिंग का पानी अब फ्री नहीं

पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है...

2 min read
Google source verification

image

Uttam Rathore

Mar 28, 2018

indore nagar nigam boaring news

उत्तम राठौर . इंदौर. पानी की बर्बादी रोकने के लिए नगर निगम ने एक बड़ा फैसला लिया है। सार्वजनिक बोरिंग से पानी लेने का अब शुल्क लिया जाएगा, जो अब तक नि:शुल्क था। लोगों को हर महीने 160 रुपए चुकाने होंगे। इस पर एमआईसी ने मुहर लगाकर संकल्प पारित कर दिया है।

निगम सीमा में 5 हजार से ज्यादा सार्वजनिक बोरिंग हैं। बोरिंग का पानी देने के लिए निगम रोड के ऊपर से पाइप लाइन बिछाकर सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट यानी थोड़ी-थोड़ी दूरी पर नल कनेक्शन करता है, जिससे सभी पानी भर सकते हैं। पाइप लाइन डालने के साथ बिजली बिल भी निगम ही भरता है। इस व्यवस्था में निगम जलयंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग ने बदलाव किया है।

अब पानी लेने के लिए लोगों को घरों में अलग से नल कनेक्शन लेना होगा। निगम में पैसा जमा करवा कर कनेक्शन होने के बाद हर महीने 160 रुपए जमा कराने होंगे। पानी का अपव्यय रोकने के लिए निगम ने शुल्क लेने का फैसला लिया है। इस पर महापौर मालिनी गौड़ और एमआईसी मेंबर ने मंजूरी देते हुए संकल्प पारित कर दिया है, जिसे निगम परिषद में स्वीकृति दिलाई जाएगी।

नर्मदा से कम लगेंगे पैसे
सार्वजनिक बोरिंग के लिए निगम ने जो शुल्क तय किया है, वह नर्मदा के कनेक्शन से बहुत कम है। नर्मदा का कनेक्शन लेने पर गरीब-निचली बस्ती में 1100 रुपए और अन्य कॉलोनियों में 2550 रुपए लगते हैं। सार्वजनिक बोरिंग से नल कनेक्शन लेने पर 60 रुपए लगेंगे। नर्मदा की तरह नल कनेक्शन की सामग्री लोगों को स्वयं लाना होगी।

पीने लायक नहीं
बोरिंग का पानी कितना भी साफ आए, उसे पीने योग्य नहीं माना जाता। पानी की जांच होने पर नर्मदा का शुद्ध और बोरिंग का पानी अशुद्ध बताया जाता है, लेकिन नर्मदा की लाइन न होने से लोग बोरिंग का पानी पीने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

बंद हो जाएंगे सार्वजनिक स्टैंड पोस्ट
सार्वजनिक बोरिंग का पानी देने के लिए लगे स्टैंड पोस्ट यानी नल बंद कर दिए जाएंगे, ताकि जिन्हें बोरिंग के पानी की जरूरत है, वे निगम में पैसा जमा कराकर व्यक्तिगत नल कनेक्शन लें।

गरीब बस्तियों को मिलेगी छूट
सार्वजनिक बोरिंग से सिर्फ घरेलू उपयोग के लिए कनेक्शन दिया जाएगा, व्यावसायिक नहीं। गरीब बस्तियों में कनेक्शन के शुल्क में छूट दी जाएगी।

पहले बना था प्रस्ताव
शुल्क लेने का प्रस्ताव पूर्व महापौर डॉ. उमाशशि शर्मा के कार्यकाल में बनाया गया था। उस समय नर्मदा की तरह बोरिंग के पानी का शुल्क 200 रुपए प्रति माह लेने की बात रखी गई थी, लेकिन पानी पीने योग्य न होने पर 100 रुपए प्रति माह लेने को एमआईसी ने कहा। इस पर सहमति न बनने से मामला ठंडे बस्ते में चला गया था।

सभी को देना होंगे, चाहे नर्मदा लाइन हो
महापौर-आयुक्त के निर्देश पर सार्वजनिक बोरिंग से लोगों को घरेलू कनेक्शन देने का प्रस्ताव बनाया गया। इसके लिए 60 रुपए और बोरिंग से पानी लेने पर 160 रुपए प्रति माह शुल्क तय किया है। यह सभी के लिए रहेगा, चाहे नर्मदा की लाइन हो या नहीं।
- संजीव श्रीवास्तव, कार्यपालन यंत्री, नर्मदा प्रोजेक्ट

सार्वजनिक नल बंद
सार्वजनिक बोरिंग से संचालित की जा रही जलप्रदाय व्यवस्था में बदलाव किया है। अब सार्वजनिक बोरिंग से लोगों को व्यक्तिगत घरेलू कनेक्शन लेना होगा और हर महीने 160 रुपए जमा करने होंगे। इसको लेकर एमआईसी में फैसला हो गया है। बोरिंग से दिए गए सार्वजनिक नलों को जल्द बंद किया जाएगा।
- बलराम वर्मा, प्रभारी, जलयंत्रालय एवं ड्रेनेज विभाग