
डूंगरपुर. विजयी मुद्रा में कार्यकर्ताओं के साथ राजकुमार रोत।
लोकसभा चुनाव : वागड़ की राजनीति में उगा नया सूरज
डूंगरपुर. जनजाति बाहुल्य वागड़ की राजनीति में आखिरकार नया सूरज मंगलवार को निकला है। यहां लोकसभा चुनाव में पहली बार उतरी भारत आदिवासी पार्टी ने जीत दर्ज करने के साथ ही इतिहास रचा। सुबह आठ बजे से बांसवाड़ा के गोविंद गुरु राजकीय महाविद्यालय में शुरू मतगणना में पहले दौर से बीएपी के राजकुमार रोत आगे रहे। ये सिलसिला अंतिम दौर तक चला। दूसरे नंबर पर कांग्रेस छोड़ भाजपा में शामिल हुए महेंद्रजीत सिंह मालवीया रहे। चुनाव मैदान में खड़े राजकुमार नाम के दो अन्य प्रत्याशियों ने भी एक लाख से अधिक वोट हासिल किए। वहीं बीएपी से गठबंधन के बावजूद कांग्रेस के सिंबोल पर चुनाव लड़े अरविंद डामोर भी दोपहर ढाई बजे तक 56 हजार से अधिक मत हासिल करने में कामयाब रहे। दोपहर तक मतगणना के बाद सामने आए आंकड़ों से परिणाम की स्थितियां स्पष्ट हो चुकी थी। इस जीत के साथ राजकुमार रोत बतौर युवा सांसद केंद्र में वागड़ का नेतृत्व करेंगे व पहली बार नई नवेली पार्टी बीएपी का उम्मीदवार दिल्ली तक का सफर तय करेगा। दोपहर पौने तीन बजे तक भी परिणामों की घोषणा नहीं हुई थी। पर, प्राप्त मतों के अंतर से परिणाम का रुख स्पष्ट हो गया था।
भाजपा की नहीं लगी हैट्रिक
पिछले दो चुनावों में लगातार जीत हासिल करने वाली भाजपा मोदी के नाम पर हैट्रिक लगाने में सफल नहीं हुई। बीएपी व भाजपा में कड़ी टक्कर के कयासों के बीच मतगणना के साथ ही वागड़ में सियासत ने करवट ली। विधानसभा चुनाव में नौ में से दो सीटें जीतने के बाद अब लोकसभा चुनाव व बागीदौरा विधानसभा उप चुनाव में बड़े अंतर से जीत के साथ ही बीएपी ने वागड़ में राजनीतिक भविष्य के संकेत भी दे दिए हैं।
फैक्ट फाइल…
Updated on:
04 Jun 2024 02:58 pm
Published on:
04 Jun 2024 02:58 pm
