समाचार

Madurai : अनुमति के बाद हिन्दू मुन्ननी का तिरुपरनकुंड्रम में विशाल प्रदर्शन

मद्रास उच्च न्यायालय से मिली अनुमति के चंद घंटों बाद हिन्दू मुन्ननी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम तिरुपरनकुंड्रम में विशाल स्तर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पवित्र पहाड़ी पर सांसद नवास कनी समेत अन्य लोगों द्वारा किए गए मांसाहार की कड़ी आलोचना करते हुए नारेबाजी की। तिरुपरनकुंड्रम में भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से […]

2 min read
Feb 05, 2025

मद्रास उच्च न्यायालय से मिली अनुमति के चंद घंटों बाद हिन्दू मुन्ननी के कार्यकर्ताओं ने मंगलवार शाम तिरुपरनकुंड्रम में विशाल स्तर पर प्रदर्शन किया। उन्होंने पवित्र पहाड़ी पर सांसद नवास कनी समेत अन्य लोगों द्वारा किए गए मांसाहार की कड़ी आलोचना करते हुए नारेबाजी की। तिरुपरनकुंड्रम में भगवान मुरुगन के छह पवित्र धामों में से एक माना जाता है। इसी पहाड़ी पर सिकंदर बादशाह की दरगाह है, जहां मुस्लिम अनुयाइयों की आवाजाही होती है। वहां सालान बलि देने की प्रथा है जिसे इस बार हिन्दू संगठनों ने यह कहते हुए जिला प्रशासन से रुकवाया कि यह पुण्य पर्वत क्षेत्र है और इससे धार्मिक भावनाएं आहत होंगी। उसके बाद कथित रूप से सांसद नवास कनी और कुछ अन्य ने रोक को ताक में रखते हुए पर्वत पर जाकर मांसाहार का सेवन किया, जिसके खिलाफ हिन्दू मुन्ननी ने विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया था। शुरू में जिला प्रशासन ने इसकी अनुमति नहीं दी। फिर कोर्ट से संगठन को इसकी सशर्त इजाजत मिली।

न्यायालय का निर्देश, शांतिपूर्ण प्रदर्शन हो

मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने मंगलवार सुबह हिंदू मुन्ननी को तिरुपरनकुंड्रम पहाड़ी मुद्दे पर पहाड़ी से दूर पलंगनाथम जंक्शन पर शाम 5 से 6 बजे के बीच शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शनकी अनुमति दी। पीठ का निर्देश तीन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई में आया। न्यायाधीश जी. जयचंद्रन और आर. पूर्णिमा की पीठ ने पुलिस और याचिकाकर्ताओं में सुनवाई के बाद विरोध प्रदर्शन के स्थान और समय के संबंध में आम सहमति बनने के बाद यह आदेश पारित किया। न्यायाधीशों ने कहा कि इस मुद्दे को बेहतर तरीके से संभाला जा सकता था। अब अतिरिक्त महाधिवक्ता और लोक अभियोजक के प्रयासों से समस्या हल हो गई है। हालांकि न्यायाधीशों ने कुछ शर्तें भी लगाईं, जिनमें यह भी शामिल था कि विरोध प्रदर्शन शांतिपूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए और लोगों को परेशान नहीं करना चाहिए।

कड़ी सुरक्षा और हजारों उमड़े प्रदर्शन में

बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पहाड़ी को छावनी में बदल दिया गया था। तलहटी पर हुए विरोध प्रदर्शन में हिन्दू संगठन के नेताओं के अलावा हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी थी।

Published on:
05 Feb 2025 03:58 pm
Also Read
View All

अगली खबर