
Makar Sankranti 2023
Makar Sankranti 2023: इस बार भी मकर संक्रांति पर्व 15 जनवरी को मनाया जाएगा। हालांकि दो तिथियों को लेकर लोग उलझन में रहने लगे (Makar Sankranti 2023 Date and Shubh Muhurat) हैं। जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं। सूर्य देव जब मकर राशि में गोचर करते हैं, उस समय मकर संक्रांति होती है। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 2.28 बजे होगा।
ज्योतिषाचार्य विनोद चौबे ने बताया कि 30 साल बाद संतोग बन रहा है। इस दौरान करीब दो महीने तक भगवान सूर्य अपने पुत्र शनि के घर में रहेंगे। इस दिन का दान करने का विशेष महत्व रहता ही है। लेकिन मकर संक्रांति के अलावा चार और तिथियां भी है। इस दिन तिल का दान करने से सूर्य और शनि दोनों को कृपा मिलती है। ज्योतिषाचार्य ने बताया कि हालांकि इस बार सभी राशि के जातकों के लिए मकर संक्रांति शुभ प्रद रहेगी। लेकिन इसका सबसे ज्यादा लाभ मेष, वृषभ और कर्क राशि के जातकों को मिलेगा।
मेष राशि वालों को व्यापार में काफी तरक्की मिलेगी। वृषभ राशि वाले वे जातक जो ट्रेडिंग के व्यापार से जुड़े हैं, उन्हे अधिक लाभ मिलेगा। मिथुन राशि वालों को गुप्त शत्रुओं से बचना होगा। सिंह राशि वालों के भी शुभकारी होगा। कन्या राशि के जातक किसी के कहने पर निर्णय लेने से बचें। तुला राशि वालों के कार्य व व्यवसाय ठीक रहेंगे। वृषचक राशि वालों के लिए शुभ रहेगा। धनु राशि वालों का पराक्रम बढ़ेगा। मकर राशि वालों की निर्णय लेने की क्षमता बढ़ेगी। कुभ राशि के जातकों को स्वास्थ्य संबंधी सावधानियां बरतनी होगी। मीन राशि वालों को विवाद से बचना चाहिए।
Makar Sankranti 2023: शनि ने तिल का लगाया था भोग
धार्मिक मान्यता है कि सूर्य और शनि में अनबन के दौरान सूर्य शनि के घर यानी मकर राशि में पहुंचे तो शनि के पास उस समय तिल ही था। इसी का भोग शनि ने सूर्य को लगाया। तब से मान्यता है कि मकर संक्रांति पर तिल का प्रसाद चढ़ाने और सेवन करने से सूर्य और शनि दोनों प्रसन्न होते हैं।
Makar Sankranti 2023: सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है
यह त्योहार अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार 14 जनवरी को मनाया जाता है। लेकिन कभी-कभी यह त्योहार 15 जनवरी को भी हो जाता है। यह इस बात पर निर्भर करता है कि सूर्य कब धनु राशि को छोड़कर मकर राशि में प्रवेश कर रहे हैं। इस दिन सूर्य की उत्तरायण गति आरंभ होती है और इसी कारण इसको उत्तरायणी भी कहते हैं।
Makar Sankranti 2023: तिल का सेवन स्वास्थ्य के लिए लाभकारी भी
तिल की तासीर गर्म होती है। इसके चलते सर्दी में उपयोग आयुर्वेद में बताया गया है। इसके अलावा तिल में भारी मात्रा में पीपक सत्य होते हैं। इसमें मौजूद कॉपर आर्थराइटिस की समस्या को हृदय को मजबूत करता है। जो हड्डी संबंधी बीमारी और माइग्रेन से निजात दिलाने में मदद करता है। इसकी तासीर गर्म होती है, इसलिए इसका सेवन सर्दी के दिनों में अधिक किया जाता है।
Published on:
14 Jan 2023 11:46 am
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