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स्किल-बेस्ड गेमिंग में बढ़ रही महिलाओं की भागीदारी

यूजर ऐसे गेम्स की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं जो छोटे, तेज और स्किल-बेस्ड हों और जिन्हें ईमानदारी व पारदर्शिता से खेला जाता हो।

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जयपुर. स्किल-बेस्ड कैजुअल गेमिंग में यूजर्स की संख्या तेजी से बढ़ रही है। अब यूजर ऐसे गेम्स की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं जो छोटे, तेज और स्किल-बेस्ड हों और जिन्हें ईमानदारी व पारदर्शिता से खेला जाता हो। इस क्षेत्र में राजस्थान में महिला यूजर्स की संख्या में साल दर साल 60% की बढ़ोतरी हुई है। लीडिंग ऑनलाइन स्किल-बेस्ड प्लेटफार्म जूपी के चीफ स्पोकपर्सन गोविंद मित्तल ने बताया कि जूपी लूडो की बढ़ती लोकप्रियता यह दिखाती है कि भारत में लोगों की मनोरंजन की पसंद अब बदल रही है।

आज इस प्लेटफॉर्म पर जितने पुरुष खिलाड़ी है लगभग उतनी ही महिला खिलाड़ी भी है। यह साफ जाहिर है कि डिजिटल को प्राथमिकता देने वाले लोग अब तेजी से गेमिंग से जुड़ रहे हैं। जूपी से 1 करोड़ यूजर्स जुड़़ चुके हैं और करीब 1.2 बिलियन (120 करोड़) से ज्यादा बार इस पर गेम खेले गए है। सिर्फ जयपुर में ही करीब 1 बिलियन बार इस पर गेम खेले गए है, जिससे यह साबित होता है कि राज्य के लोग संस्कृति से जुड़े गेम्स, जिन्हें अब मोबाइल पर खेलने लायक बनाया गया है, उनमें बहुत दिलचस्पी ले रहे हैं। मित्तल ने बताया कि राजस्थान सिर्फ गेम खेलने वाला राज्य नहीं है, बल्कि ऑनलाइन स्किल गेमिंग की दिशा तय करने वाला भी बन चुका है। पिछले एक साल में जूपी प्लेटफॉर्म ने टियर 1, 2 और 3 शहरों में लगातार और प्राकृतिक रूप से बढ़त हासिल की है। इसकी वजह है कि यह संस्कृति से जुड़े गेम्स है, यह सुरक्षित है और इनका पारदर्शी यूजर अनुभव है। साथ ही इसकी एक बड़ी वजह जिम्मेदारी से खेलने व कौशल-आधारित मनोरंजन को लेकर प्लेटफॉर्म की गहरी प्रतिबद्धता भी है।ऐसे यूजर्स जो मनोरंजन के साथ-साथ ईमानदारी और पारदर्शिता वाले गेम्स चाहते हैं, वे अब हमारे साथ जुड़ रहे हैं। हम जूपी में ऐसे गेम फॉर्मेट बनाने में लगातार निवेश कर रहे हैं जो आसान हों, जिन्हें लोग पहले से जानते हों और जो कौशल बढ़ाने के साथ - साथ ईमानदारी से खेल को बढ़ावा दें।