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बांग्लादेश में शुरू हुआ महिला अधिकार आयोग का विरोध

कट्टरपंथी हावीः ‘पश्चिमी विचारधारा’ से प्रेरित बताया ढाका. बांग्लादेश में महिला अधिकारों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। धार्मिक संगठनों ने महिला सुधार आयोग को भंग करने की मांग तेज कर दी है। शेख हसीना सरकार द्वारा स्थापित इस आयोग ने विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मुद्दों पर समान नागरिक संहिता लागू करने की […]

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जयपुर

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Nitin Kumar

Apr 27, 2025

Mohammad Yunus and Sheikh Hasina

Mohammad Yunus and Sheikh Hasina

कट्टरपंथी हावीः 'पश्चिमी विचारधारा' से प्रेरित बताया

ढाका. बांग्लादेश में महिला अधिकारों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। धार्मिक संगठनों ने महिला सुधार आयोग को भंग करने की मांग तेज कर दी है। शेख हसीना सरकार द्वारा स्थापित इस आयोग ने विवाह, तलाक और संपत्ति जैसे मुद्दों पर समान नागरिक संहिता लागू करने की सिफारिश की थी। कट्टरपंथी इसे 'इस्लाम विरोधी' और 'पश्चिमी विचारधारा' से प्रेरित बता रहे हैं।

हिफाजत-ए-इस्लाम और जमात-ए-इस्लामी जैसे प्रभावशाली धार्मिक संगठनों का आरोप है कि ये सिफारिशें इस्लामी कानून और पारंपरिक मूल्यों को कमजोर करती हैं। हिफाजत के नेता अजीज़ुल हक इस्लामाबादी ने समानता की अवधारणा को इस्लामी व्यवस्था के खिलाफ बताया, जबकि जमात-ए-इस्लामी के महासचिव मियां गोलाम परवार ने इसे 'इस्लामिक सोच को विकृत करने की साजिश' करार दिया।

उल्लेखनीय है कि शेख हसीना सरकार ने कट्टरपंथ के खिलाफ सख्त रुख अपनाते हुए इस आयोग का गठन किया था ताकि महिलाओं को कानूनी रूप से बराबरी का हक मिल सके। पर अब बदले राजनीतिक समीकरणों और धार्मिक संगठनों के बढ़ते प्रभाव के चलते महिला अधिकारों में सुधार की कोशिशें चुनौतीपूर्ण होती जा रही हैं।