
कर्नाटक ग्रामीण बैंक।
शहापुर (यादगीर). कर्नाटक ग्रामीण बैंक (केजीबी) की शाखाओं में कार्यरत प्रबंधकों और कर्मचारियों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीण इलाकों की शाखाओं के प्रबंधकों को सप्ताह में तीन दिन जिले के विभिन्न स्थानों से नकदी लाने का काम करना पड़ता है। कर्मचारियों का कहना है कि यह व्यवस्था सुविधा से अधिक असुविधा पैदा कर रही है।
एक प्रबंधक ने बताया कि तीन-चार शाखाओं के अधिकारी मिलकर निजी वाहन से सुरपुर, यादगीर, हुणसगी और लिंगसुगूर जैसी शाखाओं में नकदी लाते हैं। प्रत्येक प्रबंधक को लगभग 25 लाख रुपए दिए जाते हैं, जिन्हें शाखा में जमा किया जाता है। यह राशि एक ही दिन में समाप्त हो जाती है, जिससे ग्राहकों को 50 हजार रुपए से अधिक नकद नहीं दिया जा पा रहा है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि नकदी लाने के दौरान किसी प्रकार की सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध नहीं कराई जाती। निजी वाहन में लाखों रुपए लेकर यात्रा करनी पड़ती है। हर बार जान हथेली पर रखकर नकदी लानी पड़ती है। किसी अप्रिय घटना की स्थिति में नौकरी और जान दोनों पर खतरा मंडराता है।
नकदी लाने के लिए प्रबंधकों के बाहर जाने से बैंक में आने वाले ग्राहक नाराज हो जाते हैं। कई बार कर्मचारियों से बहस और झगड़े की नौबत आ जाती है। इससे बैंक का कामकाज प्रभावित हो रहा है और ग्रामीण लोग शहर जाकर नए खाते खुलवाने को मजबूर हो रहे हैं।
ग्रामीण जनता और बैंक कर्मचारियों ने लीड बैंक अधिकारी से आग्रह किया है कि शाखाओं में पर्याप्त नकदी और सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। उनका कहना है कि प्रशासनिक व्यवस्था को शीघ्र सुधारना आवश्यक है, ताकि कर्मचारियों की सुरक्षा के साथ-साथ ग्राहकों को भी निर्बाध बैंकिंग सेवाएं मिल सकें।
ग्रामीण बैंक कर्मचारियों का कहना है कि यदि स्थिति जल्द नहीं सुधरी तो सेवा और सुरक्षा दोनों पर गंभीर संकट खड़ा हो जाएगा।
Updated on:
18 Jan 2026 08:12 pm
Published on:
18 Jan 2026 08:12 pm
