
प्रशासन बोला- सिविल लाइन चौराहे की रोटरी को व्यवस्थित कर रहे- स्थानीय लोगों ने पुलिस में दर्ज कराई शिकायत
सागर. सिविल लाइन चौराहे पर रोटरी के अंदर लगी डॉ. सर हरिसिंह गौर की प्रतिमा शनिवार की सुबह जब स्थानीय लोगों को गायब मिली, तो हड़कंप मच गया। रोटरी का मलबा बीचोंबीच बिखरा पड़ा था। यह दृश्य जैसे ही लोगों ने देखा तो उनका आक्रोश भड़क उठा। शाम को डॉ. हरिसिंह गौर विवि के पुरा छात्र व स्थानीय लोग लामबंद हुए। पहले तो उन्होंने नारेबाजी की और फिर सिविल लाइन पुलिस को ज्ञापन सौंपकर सर गौर की मूर्ति चोरी होने की बात कही। इधर प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि सर गौर की मूर्ति को जिपं कार्यालय के सामने शिफ्ट किया गया है। रोटरी यातायात की दृष्टि से सही नहीं थी, इसलिए उसको व्यवस्थित किया जा रहा है।
अचानक से रात में की गई कार्रवाई के कारण सर गौर की मूर्ति क्षतिग्रस्त हो गई है। जब लोग नए स्थल पर मूर्ति को देखने को पहुंचे और उन्हें प्रतिमा क्षतिग्रस्त मिली तो उनका गुस्सा भड़क उठा। विवि के पुरा छात्र समेत अन्य ने नगर निगम प्रशासन और स्मार्ट सिटी प्रशासन के विरुद्ध प्रदर्शन करने की योजना बनाना भी शुरू कर दिया है।
बताया जा रहा है कि जून-2003 में सिविल लाइन चौराहे पर सर गौर की मूर्ति जनसहयोग से लगाई गई थी। इसको पूर्व में झांसी बस स्टैंड पर लगाया जाना था लेकिन जब एनओसी आदि नहीं मिली तो 2003 में छात्रों ने चौराहे पर लगवा दी।
सिविल लाइन की रोटरी पर सालों से प्रयोग चल रहे हैं। पिछले 10 सालों में यह तीसरा मौका है जब रोटरी के अव्यवस्थित होने की बात कहते हुए उसे तोड़ा गया हो। दो दफा जब रोटरी का काम हुआ था तो सर गौर की मूर्ति से छेड़छाड़ नहीं की गई थी लेकिन इस बार हटा दी गई।
घटना के बाद डॉ. अंकलेश्वर दुबे, पार्षद शिवशंकर यादव, अमन गौतम, नीलेज राजपूत, निदेश दुबे, दीपक स्वामी आदि ने सिविल लाइन पुलिस को ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है।
Published on:
16 Jun 2024 06:32 pm
बड़ी खबरें
View Allसमाचार
ट्रेंडिंग
