
ग्वालियर- बलरामपुर एक्सप्रेस
ग्वालियर . रेलवे की एक बड़ी लापरवाही के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। ग्वालियर-बलरामपुर एक्सप्रेस को पहले रद्द कर दिया गया, लेकिन बाद में अचानक इसे चलाने का आदेश जारी कर दिया। इस फैसले ने यात्रियों को असमंजस में डाल दिया और कई लोगों की यात्रा योजनाएं प्रभावित हो गईं। इस ट्रेन को दो दिन पहले गोंडा-बुढवाल रेलखंड के गोंडा कचहरी स्टेशन के पास तीसरी लाइन के निर्माण कार्य के चलते रद्द करने की घोषणा की गई थी। रेलवे की इस सूचना के बाद कई यात्रियों ने अपने टिकट रद्द करा दिए थे और वैकल्पिक व्यवस्थाएं करके दूसरी ट्रेन से अपनी यात्रा की। लेकिन बुधवार को अचानक ग्वालियर से इस ट्रेन को चलाने के आदेश के आनन फानन में इसे चलाया गया। जिससे ट्रेन करीब चार घंटे की देरी से रवाना हो सकी। इस देरी और फैसले में बदलाव के कारण स्टेशन पर मौजूद यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा।
आनन- फानन में कराया गया मेंटेनेंस
यह ट्रेन मंगलवार की सुबह दांैड़ से आई थी। ट्रेन को वापस नहीं जाना था। इसलिए इसका मेंटेंनेस भी नहीं किया गया। लेकिन बुधवार को ट्रेन को चलाने के निर्णय के बाद आनन- फानन में इसका मेंटेनेंस किया गया। इस मेंटेनेंस में लगभग छह घंटे का समय लगता है, लेकिन इसे जल्द- जल्द चार घंटे में तैयार किया गया ।
यात्रियों की नाराजगी, बोले रेलवे का नियम गलत
चार दिन पहले ट्रेन से रिजर्वेशन कराया था। दो दिन पहले ट्रेन रद्द होने का मैसेज आया। लेकिन टिकट कैंसिल नहीं हुआ। इसके चलते मुझे लखनऊ में डॉक्टर को दिखाने में काफी परेशानी आने वाली है। बुधवार को मैसेज आया कि ट्रेन अपने निर्धारित समय से तीन घंटे की देरी से जाएगी। इसके चलते दिन भर परेशान होना पड़ा।
रेलवे ने आनन फानन में टीटीई को भेजा
ग्वालियर से चलने वाली ट्रेनों में टीटीई भी यहीं से चलते है। इन टीटीई का चार्ट भी एक दिन पहले ही बन जाता है कि कौन सा टीटीई कौन सी ट्रेन को लेकर जाएगा। लेकिन बुधवार को दोपहर में अचानक ट्रेन को चलाने का आदेश जारी हुआ तो तत्काल टीटीई की ड्यूटी लगाकर ट्रेन में टीटीई को रवाना किया गया।
इनका कहना है
गोंडा-बुढवाल रेलखंड के गोंडा कचहरी स्टेशन के पास तीसरी लाइन के निर्माण कार्य के चलते पूर्व में रद्द करने की सूचना आई थी। इसलिए इसे रद्द किया गया। लेकिन बाद में इस ट्रेन को रिस्टोर करके चलाया गया। यात्रियों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन को चलाने का फैसला लिया गया।
मनोज कुमार सिंह, पीआरओ झांसी मंडल
Updated on:
19 Mar 2026 05:35 pm
Published on:
19 Mar 2026 05:34 pm
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