भीलवाड़ा। राजस्थान की अफीम (काला सोना) के तोल का मोल अब केन्द्र सरकार की अफीम फैक्ट्री नीमच में होगा। प्रदेश के 45 हजार अफीम काश्तकारों को बड़ा फायदा यह होगा की अफीम की गुणवत्ता एवं औसत की जांच रिपोर्ट एक माह के बजाए अब एक सप्ताह में भीतर आ जाएगी, इससे काश्तकारों का किसी प्रकार का भुगतान नहीं रूकेगा और सभी प्रकार से अंतिम भुगतान भी दस दिन की अवधि में हो सकेगा।
अफीम के डोडों पर चिराई के बाद अब देश भर में तोल शुरू हो चुका है। प्रदेश में भी केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो आठों डिविजन के लिए अफीम की तोल शुरू कर चुका है। कोटा, बूंदी, झालावाड़, बारां, भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिले के आठ ही डिविजन के काश्तकारों की अफीम का तोल होने के बाद केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो करीब एक दशक से गाजीपुर अफीम फैक्ट्री भिजवाता आ रहा था। यहां की रिपोर्ट के आधार पर ही काश्तकारों को उनकी अफीम की कीमत का भुगतान होता था। गाजीपुर फैक्ट्री से रिपोर्ट आने में अकसर एक माह से अधिक का समय लग जाता था, इसके काश्तकारों का भुगतान समय पर नहीं हो पाता था।
सरकार ने बदल दी फैक्ट्री
काश्तकारों की मांग एवं जनप्रतिनिधियों के बढ़ते दबाव के चलते केन्द्र ने इस साल अफीम फैक्ट्री बदल दी है। केन्द्र के निर्णय से अब राजस्थान के साथ ही मध्यप्रदेश के काश्तकारों की अफीम तोल के बाद नीमच भेजी जा रही है। एक आंकड़े के अनुसार राजस्थान में भीलवाड़ा, चित्तौड़गढ़ व प्रतापगढ़ जिले समेत आठ डिविजन में 45 हजार से अधिक काश्तकार है। केन्द्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो अभी प्रति किलो दो हजार रुपए की दर से अफीम की खरीद कर रहा है। इसमें भी औसत व गाढ़ता का मापदंड का ध्यान रखा जा रहा है।
अफीम की जांच रिपोर्ट एक सप्ताह में
भीलवाड़ा अफीम डिविजन में भीलवाड़ा व चित्तौड़गढ़ जिले के छह तहसील के 109 गांव के 5033 काश्तकारों को अफीम पट्टे जारी है। अफीम तोलकेन्द्र अभी सीसी कैमरे की निगरानी में 2 अप्रेल से मांडलगढ़ के सिंगोली श्याम मंदिर परिसर में संचालित है। 12246 काश्तकारों की अफीम का तोल हो चुका है। इस बार 17 हजार 560 किलो अफीम गाजीपुर फैक्ट्री के बजाए नीमच अफीम फैक्ट्री भेजी जा चुकी है। वहां से रिपोर्ट भी अब एक सप्ताह के भीतर जाएगी। किसानों को ऑनलाइन भुगतान किया जा रहा है। पट्टे अक्टूबर में ही जारी होंगे।
आर के रजक, जिला अफीम अधिकारी, भीलवाड़ा डिविजन