
उदयपुर का पूर्व राजपरिवार विवाद : पथराव के बाद बिगड़ी स्थिति
उदयपुर में पूर्व राजपरिवार के विवाद के दौरान सोमवार रात को सिटी पैलेस गेट पर पथराव हो गया। जिसके बाद पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर स्थिति को नियंत्रण में किया। पथराव में सीआई सहित पांच जने घायल हो गए। जिनको प्राथमिक उपचार उन्हें छुट्टी दे दी गई। इधर, बिगड़ी कानून व्यवस्था के बाद घंटाघर थानाधिकारी की रिपोर्ट पर जिला मजिस्ट्रेट ने विवादित सम्पत्ति को कुर्क करते हुए रिसीवर नियुक्त किया। देर रात तक भीड़ मौके पर ही जुटी हुई थी। पुलिस.प्रशासनसडक़ पर डटा रहा। विश्वराजसिंह के समर्थक रात तक जगदीश चौक में डटे रहकर नारेबाजी करते रहे। इधर, दोनों पक्षों के बीच विवाद और समझौते से जुड़ी अफवाहें दिनभर सोशल मीडिया पर वायरल होती रही।
पथराव में सीआई दलपतसिंह (45), धनश्री (35), सुरेन्द्र सिंह (24), ब्रजपाल सिंह (33) व हिमांशु सिंह (30) घायल हो गए। सभी घायलों का एमबी चिकित्सालय में प्राथमिक उपचार के बाद छुट्टी दे दी।
सिटी पैलेस में घुसने के विवाद को लेकर देर रात तक पथराव व माहौल गरमाने के बाद जिला मजिस्ट्रेट (नगर) ने विवादित स्थल को कुर्क करते हुए घंटाघर थानाधिकारी रिसीवर नियुक्त कर दिया। इस नोटिस को वहां पैलेस के बाहर ही चस्पा कर दिया गया। नोटिस में थानाधिकारी की रिपोर्ट को जिला मजिस्ट्रेट से संतुष्ट होते हुए कानून व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के लिए कार्रवाई की। रिपोर्ट में थानाधिकारी ने उल्लेखित किया कि विश्वराज सिंह के चित्तौडगढ़़ में पगड़ी दस्तूर के बाद उदयपुर सिटी पैलेस महल में स्थित धूणी के दर्शन के लिए भारी भीड़ जगदीश चौक पहुंची थी। भीड़ ने पैलेस में प्रवेश को लेकर प्रदर्शन करते हुए बेरिकेडिंग व जैकेट तोड़े, जिससे पुलिसकर्मियों को चोट आई। भीड़ को पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर खदेड़ा। लेकिन उक्त भीड़ के साथ बड़ी पोल में प्रवेश करने पर आमादा है तथा अधिक बल प्रयोग करने पर कानून व्यवस्था प्रभावित होने की पूरी संभावना है। उक्त विवादित सम्पत्ति सिटी पैलेस स्थित बड़ी पोल से लेकर धूणी व जनाना महल तक के क्षेत्र के लिए कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए तुरंत रिसीवर नियुक्त किया जाए।
- विश्वराजसिंहमेवाड़ के उदयपुर पहुंचने के बाद पुलिस.प्रशासन के साथ लगातार वार्ता होती रही। पहली वार्ता के बाद विश्वराजसिंह और समर्थकों की तीन गाडिय़ोंं को बेरिकेड्स तक प्रवेश दिया गया।
- दूसरी वार्ता जगदीश चौक पहुंचने के बाद प्रतिनिधि मंडल सिटी पैलेस गेट पर पहुंचा। इसमें रणधीरसिंह भींडर, वीरमदेव सिंह कृष्णावत, यदुवीर सिंह, योगीराज सिंह जेवाणा शामिल थे।
- तीसरी वार्ता रात 9 बजे हुई, जिसमें कलक्टर.एसपी और विश्वराजसिंहमेवाड़ के पक्ष के बीच चर्चा हुई। कलक्टर ने उच्च स्तर पर वार्ता करके निर्णय लेने को लेकर एक घंटे का समय मांगा।
. चौथी बार वार्ता रात करीब 10 बजे हुई, जिसमें प्रशासन ने उच्च स्तर पर मार्गदर्शन लेने के बाद सिटी पैलेस के धूणी स्थल को कब्जे में लेने को लेकर रिसिवर नियुक्त करने की तैयारी की गई।
- रात करीब 11.00 बजे पैलेस में घुसने को लेकर हुए विवाद के बाद पथराव से माहौल गरमा गया। भीड़ वहां पैलेस के बाहर की टिकट काउंटर तक पहुंच तोडफ़ोड़ का प्रयास किया। पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को खदेड़ा।
05 जगहों पर बैरिकेडिंग की गई
05 सौ ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात
03 दमकल व व्रज वाहन पहुंचे
1.5 किमी दायरे में तनाव रहा
04 रास्ते ओल्ड सिटी के रहे बंद
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सुबह 11 बजे : चित्तौडगढ़़़ में आयोजन
दोपहर 2 बजे : उदयपुर में पुलिस सतर्क
शाम 5 बजे : उदयपुर पहुंचे विश्वराजसिंह
शाम 5.30 बजे : समोर बाग मोड़ पर रोका
शाम 5.55 बजे : जगदीश चौक पहुंचे लोग
शाम 6.15 बजे प्रशासन से वार्ता का दौर
रात 6.30 बजे समर्थक पैलेस गेट तक पहुंचे
रात 9.15 बजे प्रशासन की उच्चस्तरीय वार्ता
रात 10.45 बजे पथराव के बाद माहौल गरमाया
रात 11.00 बजे जिला मजिस्ट्रेट ने की कार्रवाई, रिसीवर नियुक्त
कैलाशपुरी स्थित एकलिंगजी मंदिर में विश्वराजसिंहमेवाड़ के पहुंचने को लेकर यहां भी भारी पुलिस बल तैनात रहा। मंदिर संचालन करने वाले एकलिंगजी ट्रस्ट की ओर से एक दिन पहले ही नोटिस जारी किया गया था] जिसमें यह उल्लेख किया गया था कि ट्रस्ट की अनुमति से ही प्रवेश दिया जा सकेगा और वह भी सिर्फ दर्शन के लिए प्रवेश दिया जाना संभव होगा।
Updated on:
26 Nov 2024 01:06 am
Published on:
26 Nov 2024 01:06 am
