
वास्तु शास्त्र: घर और दफ्तर में इस गाय की मूर्ति को रखना माना जाता है बेहद सौभाग्यशाली, लेकिन जान लें जरूरी नियम
प्राचीन समय से ही हिंदू शास्त्रों और वेदों में गौ माता की पूजा और गाय पालन को बहुत महत्व दिया गया है। गौ माता को सबसे बड़ी पूंजी और गाय माता में 33 कोटि देवी देवताओं का वास माना गया है। वहीं वास्तु और फेंगशुई शास्त्र के अनुसार घर और कार्यस्थल पर सुख समृद्धि बनाए रखने के लिए कामधेनु गाय की मूर्ति को रखना और पूजा अत्यंत शुभ होता है। लेकिन शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए इस मूर्ति को रखने के नियमों को ध्यान में रखना बहुत जरूरी है। तो आइए जानते हैं वास्तु के अनुसार किस दिशा और धातु की मूर्ति को रखना चाहिए...
कहां रखनी चाहिए गाय की मूर्ति
ईशान कोण को देवी-देवताओं की मूर्ति रखने के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसलिए वास्तु शास्त्र के अनुसार अपने घर या कार्यस्थल पर गाय की मूर्ति को ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व कोने में रखना चाहिए। लेकिन अगर आपके लिए गाय की मूर्ति को ईशान कोण में रखना संभव ना हो, तो आप इसे उत्तर या पूर्व दिशा में भी रख सकते हैं। यह भी एक अच्छा विकल्प है।
वैसे कामधेनु गाय की मूर्ति को घर के पूजा स्थल में रखना ही सबसे बेहतर होता है क्योंकि इसे सबसे पवित्र स्थान माना जाता है। ऐसे में आप देवी-देवताओं की पूजा के साथ गाय की भी पूजा कर पाएंगे। इसके अलावा घर में सुख-समृद्धि बनाए रखने और नकारात्मक ऊर्जा को दूर रखने में लिए आप घर के मुख्य द्वार पर भी इस मूर्ति को लगा सकते हैं।
किस धातु की मूर्ति होती है शुभ
वास्तु शास्त्र कहता है कि, गाय और बछड़े की चांदी मूर्ति को अपने घर के मंदिर में रखकर पूजा करना शुभ होता है।
इसके अलावा आप पीतल या तांबे धातु की गाय और बछड़े की मूर्ति भी ला सकते हैं। इस धातु की मूर्ति को घर के प्रवेश द्वार में लगाएं।
वहीं वास्तु के मुताबिक सफेद संगमरमर और चीनी मिट्टी की गाय की मूर्ति को रखने से भी आपको शुभ फलों की प्राप्ति होगी।
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Published on:
23 Apr 2022 12:06 pm

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