3 जनवरी 2026,

शनिवार

Patrika LogoSwitch to English
home_icon

मेरी खबर

icon

प्लस

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बहुत याद आए नबी के नवासे, शहीदे कर्बला की याद में जल सेवा

हनुमानगढ़ जिले में विभिन्न जगहों पर शहीदे कर्बला की याद में छबील लगाकर की गई जल सेवा, हक व इंसाफ के लिए शहादत को गले लगाने वाले कर्बला के शहीदों की शौर्य गाथा से युवाओं को कराया अवगत

2 min read
Google source verification
Water service was done by installing Chhabeel in the memory of Martyr Karbala at various places in Hanumangarh district

Water service was done by installing Chhabeel in the memory of Martyr Karbala at various places in Hanumangarh district

हनुमानगढ़. शहीदे कर्बला की याद में जिले भर में विभिन्न आयोजन हुए। नबी के नवासों को याद कर जगह-जगह छबील लगाई गई। इस दौरान उलमा ने हक व इंसाफ के लिए शहादत को गले लगाने वाले कर्बला के शहीदों की शौर्य गाथा से अवगत कराया। शहीदे कर्बला की याद में जंक्शन कब्रिस्तान के बाहर मुस्लिम समुदाय सुधार संस्था ने छबील लगाकर आमजन को मीठा शरबत पिलाया। इससे पहले फातिहा पढ़ी गई तथा क्षेत्र की अमन, चैन व तरक्की के लिए दुआ की गई। मौलवी आजम अशरफी ने बताया कि मुहर्रम के महीने से कई रिवायतें जुड़ी हुई हैं। यह महीना खासतौर से पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे हजरत इमाम हुसैन और कर्बला की सरजमीं पर उनके 72 साथियों की शहादत के चलते खास माना जाता है। पार्षद अब्दुल हाफिज ने बताया कि इस माह में छबील प्याऊ लगाकर ठंडा पानी और शरबत पिलाने की परंपरा भी है। इमाम हुसैन ने सच व इंसाफ की राह पर चलते हुए शहादत दी। उनकी जैसी तकलीफ और मुसीबत किसी ने नहीं उठाई। मैदान ए कर्बला में आप तीन दिन के भूखे प्यासे शहीद किए गए।सभी अजीज रिश्तेदार भी शहीद किए गए। यजीद ने इमाम हुसैन के कुनबे पर दरिया ए फरात से एक बूंद पानी पीने पर भी पाबंदी लगा दी। फिर भी हुसैन नहीं झुके और राहे हक में सब कुछ कुर्बान कर दिया। इस मौके पर पार्षद अब्दुल हाफिज, अब्बास अली, फिरोज खान, साबिर खान, हुसैन खान, रफी खान, सतार खान, असलम खान, बाबू खान, मंगा खान, अकरम खान आदि मौजूद रहे।

छबील लगा कर पिलाया ज्यूस

टिब्बी. क्षेत्र के गांव गुडिय़ा में शोहदाए कर्बला व हजरत इमाम हुसैन की याद में बुधवार को छबील लगाई गई। जिसमें आने वाले राहगीरों को ज्यूस पिलाया गया व अमन चैन की दुआ की गई। इमामे हुसैन की जिंदगी व कुर्बानी हमें हक पर लड़ते हुए मुसीबत में सब्र करने की नसीहत देती है। मोहर्रम के दिन हमें इमामे हुसैन के उसूलों पर अमल करते हुए एकता और सामाजिक न्याय के मार्ग पर चलने का अहद लेना चाहिए। कर्बला की जंग इंसानियत के लिए लड़ी थी और हमे नसीहत दी थी कि मुसीबत जदा व मजलूम लोगों की मदद करें, क्योंकि इस्लाम धर्म यही सिख देता है। यह जानकारी अजमल खान समनानी ने दी।

राहगीरों को मनुहार कर पिलाया शरबत

भादरा. हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी विभिन्न जगहों पर जुलावा की ढाणी साहवा नोहर बाइपास, बिलाल मस्जिद, ख्वाजा गरीब नवाज धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, पर बुधवार को जलसा-ए-मुहर्रम का कार्यक्रम किया गया। पैगम्बर मोहम्मद साहब के नवासे कर्बला हजरत इमाम हसन हुसैन की शहादत दिवस पर मौलाना महबूब अहमद कादरी द्वारा दुआ कराई गई। देश में अमन चैन भाईचारे की दुआ मांग कर खिराजे ए अक़ीक़त पेश की गई तथा लगातार तीसरे दिन शहीदाने कर्बला की याद मे राहगीरों को छबील, शरबत, मिल्क सेक पिलाया गया। इस मौके पर समस्त वार्ड नं 14 कायमखानी बास के युवा एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।