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STF और बावरिया गिरोह के डकैतों के साथ जमकर हुई फायरिंग,50 हज़ार के इनामी समेत दो गिरफ्तार

बावरिया गिरोह के बदमाशों और पुलिस में मुठभेड़ एनकाउंटर में दो डकैत पुलिस गिरफ्तार में बदमाशों में पचास हज़ार के इनामी भी शामिल

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नोएडा। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में आतंक का पर्याय बने पचास हज़ार के इनामी बावरिया गिरोह के डकैत राखी और उसके साथी मनवेन्द्र उर्फ मन्नू को एसटीएफ ने थाना दादरी क्षेत्र से मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। इन दोनों ने 2015 में मथुरा में पूर्व ब्लॉक प्रमुख के घर हत्या और डकैती की वारदात को अंजाम दिया था। ये दोनों अभियुक्त आगरा और भरतपुर राजस्थान में घटना करने की योजना बना रहे थे। उससे पहले ही एसटीएफ़ की टीम ने दोनों को धर-दबोचा।

गिरफ्तार बदमाश राखी उर्फ महेश उर्फ राहुल और मनवेन्द्र उर्फ मन्नू बावरिया राजस्थान के भरतपुर जिले के रहने वाले हैं। राखी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एसटीएफ के डीएसपी ने बताया कि शुक्रवार की देर रात एक इनपुट मिली कि बावरिया गिरोह के कुछ डकैत आगरा जिले के मलपुरा क्षेत्र में किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाया। आखिर, शुक्रवार की देर रात कुछ संदिग्ध लोग दिखाई दिए। रुकने का इशारा करने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और दो बदमाशों को पकड़ लिया।

पूछताछ करने पर पता चला कि उनके नाम राखी और मनवेन्द्र उर्फ मन्नू बावरिया हैं। 2 तमंचे, मार्कर ( रेकी करने के बाद घर पर निशान लगाने के लिए), मास्क ( चेहरा ढकने के लिए ), लॉक कटर, लोहे की सरिया एक मोटरसाइकल, सर्जिकल ग्लव्ज़ बरामद हुए हैं, जिसका इस्तेमाल डकैती के दौरान करती थे।

पश्चिमी उत्तर प्रदेश के एसटीएफ डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि पूछताछ के दौरान बदमाशों ने बताया कि 8 नवंबर वर्ष 2015 में उन्होंने मथुरा जिले के मुगरा थाना क्षेत्र के पाली डोगरा गांव में पूर्व ब्लॉक प्रमुख प्रीतम सिंह के घर पर डकैती डाली थी। उन्होंने बताया कि उस घटना में विरोध करने पर बदमाशों ने घर में बुजुर्ग महिला के सिर पर सरिया मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। विरोध करने पर डकैतों ने अंधाधुंध गोलियां चलाकर पूर्व ब्लॉक प्रमुख के दो भाइयों को घायल कर दिया था। वारदात के बाद भागते समय ग्रामीणों के विरोध का थामने के लिए बदमाशों ने उन पर भी ताबड़तोड़ फायरिंग की थी, जिसमें दो महिलाओं समेत 7 लोग बुरी तरह जख्मी हो गए थे। राजकुमार मिश्रा ने बताया कि उसी मामले में राखी पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

राखी 2009 से उत्तर प्रदेश और राजस्थान में अपराध कर रहा था, पर कभी पुलिस पकड़ नहीं पाई थी। राखी भरतपुर राजस्थान के डकैती के आधा दर्जन मुक़दमे में वांछित है और इसपर भरतपुर राजस्थान से भी 5000 रुपये का ईनाम घोषित हो रखा है। ये दोनों अभियुक्त आगरा और भरतपुर राजस्थान में घटना करने की योजना बना रहे थी। उससे पहले ही एसटीएफ़ की टीम ने दोनों को धर-दबोचा।

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