
नोएडा। जेपी इंफ्राटेक की दिवालिया प्रक्रिया शुरू होने से एक हजार से ज्यादा फ्लैट खरीदारों का गुस्सा अब फूट पड़ा है। लोग अब सड़कों पर उतरने लगे हैं, वहीं लोगों ने जेपी कार्यालय में तोड़फोड़ भी की। उससे प्रदेश सरकार सांसत में आ गई है और डैमेज कंट्रोल करने के लिए और अपने को पाक दमन दिखाने के लिए नोएडा विधायक को आगे आने पड़ा है। जेपी कार्यालय में तोड़फोड़ कर रहे लोगों के बीच शाम करीब पांच बजे मौके पर पहुंचे विधायक पंकज सिंह के फ्लैट बॉयर्स को आश्वासन दिया है कि उनके साथ न्याय होगा।
नोएडा विधायक पंकज सिंह के आश्वासन के बाद फ्लैट खरीददार वहां से वापस लौटे हैं। जेपी समूह के खिलाफ शुक्रवार से ही प्रदर्शन शुरू हो गए थे। वहीं ये प्रदर्शन शनिवार को विकराल रूप धारण कर लिया और गुस्साए लोगों ने सेक्टर-128 स्थित जेपी कार्यालय पर धावा बोल दिया। सुबह करीब 10 बजे कार्यालय के बाहर भीड़ जुटने लगी थी। दिन में करीब एक बजे तक भारी संख्या में लोग एकत्र हो गए। सबकी कहानी एक थी लेकिन दर्द अलग-अलग। वहीं लोगों का कहना है कि ये एक बड़ा स्कैम है जिसे सुनियोजित ढंग से अंजाम दिया गया है।
इसी बीच जेपी समूह के चेयरमैन मनोज गौड़ भी पहुंच गए। गौड़ के साथ आईडीबीआई बैंक के अधिकारी भी थे। गौड़ और बैंक अफसरों को देख लोगों ने नारेबाजी शुरू कर दी। गौड़ ने लोगों का आश्वासन दिया कि जेपी इंफ्राटेक को दिवालिया नहीं होने देगें। नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल के समक्ष हमने 25 हजार लोगों को मकान देने का वादा किया है। इसी बीच लोगों के सवालों की बौछार होने लगी और नौबत धक्का मुक्की तक पहुंच गई।
वहीं हालात बिगड़ता देखकर मनोज गौड़ को सुरक्षाकर्मियों ने धरना स्थल से निकाला। गौड़ के वहां से निकलने पर खरीददारों का गुस्सा और भड़क गया। इसके बाद लोगों ने परिसर में शीशे व बेरिकेडिंग तोड़ डाली। गुस्साए लोगों को काबू करने के लिए जेपी कार्यालय में तैनात सुरक्षाकर्मियों ने लाठियां भी भांजी। इसके बाद खरीददार दोबारा धरने पर बैठ गए। सूचना मिलने पर नोएडा के विधायक पंकज सिंह ने लोगों के बीच पहुंचे। उन्होंने अधूरी परियोजनाओं को निश्चित समय में पूरा करवाने और सीबीआई जांच करवाने और हालिया समस्या के समाधान का आश्वासन दिया। इसके बाद खरीददार वापस लौट गए।
Published on:
13 Aug 2017 02:09 pm

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