कारगिल पर दुश्मनों के हमले के बाद, शायद अपनी आने वाली मौत को भांपते हुए कैप्टन विजयंत ने अपने परिवारवालों के नाम एक चिट्ठी लिखी थी। इसका जिक्र करते तृप्ता थापर भावुक हो जाती हैं, फिर वो कहती हैं बेटे से किए वादों को पूरा परिवार बड़ी संजीदगी से निभाता आ रहा है।