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एसटीएफ के हत्थे चढ़ा एक लाख का इनामी, CBI भी कर रही थी तलाश

मुजफ्फरनगर दंगों में भी रही है इसकी भूमिका

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Rajkumar Pal

Jul 21, 2016

million criminal

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नोएडा। एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) मुठभेड़ के बाद एक लाख रुपए के इनामी व विनोद बावला गैंग के सक्रिय सदस्य रोहताश निवासी मुंडभर थाना भौराकला, मुजफ्फरनगर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से एक पिस्टल, तीन कारतूस दो खोखे व एक स्पलेंडर बाइक बरामद हुई है। एसटीएफ के डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि रोहताश पर सीबीआई दिल्ली ने साल 2014 में एक लाख रुपए का इनाम घोषित किया था, जिसके बाद से रोहताश फरार चल रहा था।

जमीनी विवाद से रखे जरायम की दुनिया में कदम

एसटीएफ नोएडा के डीएसपी राजकुमार मिश्रा ने बताया कि साल 1996 में रोहताश के परिवार का गांव के ही सतपाल व ब्रजपाल से जमीनी विवाद हो गया था। इस मामले में रोहताश ने ब्रजपाल पर जानलेवा हमला किया था। इस मामले में रोहताश तीन महीने जेल में रहकर आया था। जेल से छूटने के बाद वह विनोद बावला निवासी किनोनी मुजफ्फरनगर जो कि कुख्यात बदमाश था और प्रमोद गंजा निवासी बागपत के संपर्क में आ गया था। वह दोनों कुख्यात के लिए खाने-पीने, अस्लाह की व्यवस्था करने और छिपने के स्थान का इंतजाम करता था। यहीं से उसने जरायम की दुनिया में कदम रख दिए।

बदमाशों की मिलीभगत से शुरू किया केबल का कारोबार

रोहताश ने साल 2005 में केबल का कार्य शुरू कर दिया। इस काम में उसके पास काफी पैसा आने लगा। इसके चलते उसके पास बदमाशों ने संबंध बढ़ाने शुरू कर दिए। साथ ही अन्य बदमाशों के बलबूते पर रोहताश ने एक तरफा केबल का कारोबार शुरू कर दिया।

2013 मुजफ्फरनगर दंगे में की आगजनी

साल 2013 में जब जनपद मुजफ्फरनगर में दंगे हुए थे तो रोहताश ने अपने गांव के संजीव उर्फ संजू के साथ मिलकर गांव मुंडभर व भौराकला में कई जगहों पर आगजनी और लूटपाट की थी। दंगे और लूटपाट के दौरान रोहताश ने संजीव के साथ एक दोनाली बंदूक भी लूटी थी। जो कि रोहताश ने फिलहाल में संजीव के पास होना बताया।

कॉस्टेबल के घर पर किया था हमला

मार्च 2014 में रोहताश का चन्द्रपाल (यूपी पुलिस में कॉस्टेबल चालक) से खेत में पानी की नाली को बंद करने को लेकर विवाद हो गया था। इस विवाद में सुरेश (रोहताश का पडोसी) चन्द्रपाल का साथ दे रहा था। इस रंजिश के चलते 10 मार्च 2014 को रोहताश को सूचना मिली थी कि चन्द्रपाल, सुरेश के घर आया हुआ है। इसके बाद रोहताश ने चन्द्रपाल व सुरेश को जान से मारने की नीयत से सुरेश के घर पहुंचकर फायरिंग की थी। जिसमें चन्द्रपाल व सुरेश तो बच गए थे। लेकिन सुरेश की पुत्री रिया की गोली लगने से मृत्यु हो गई थी। इस हत्या के केस में रोहताश के भाई ललित उर्फ लीलू व सुनील उर्फ शास्त्री तथा ग्राम प्रधान बिल्लू जेल गए थे तथा रोहताश फरार चल रहा था। रोहताश पर सीबीआई ने एक लाख का इनाम घोषित किया था।

बना रहा था समझौते का दबाव

इस गिरफ्तारी से बचने के लिए रोहताश, सुरेश व चन्द्रपाल आदि पर लगातार समझौता करने का दबाब बना रहा था। साथ ही उनकी हत्या करने की फिराक में था। इसके अलावा धर्मवीर उर्फ भूरा, जो प्रधानी के चुनाव के कारण बिल्लू का विपक्षी था और बिल्लू इससे रंजिश रखता था और बिल्लू के कहने पर धर्मवीर की हत्या करने की फिराक में था। सफलता न मिलने पर चन्द्रपाल, जो बीटा वन, ग्रेटर नोएडा में रहता है उसकी हत्या करने के लिए ग्रेटर नोएडा आया था।

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