नोएडा

World Environment Day: 2 करोड़ से अधिक पेड़ लगा चुके पीपल बाबा अब आपके घर भी फ्री में लगाएंगे पौधे

World Environment Day 2021 ऑक्सीजन की समस्या के पूर्ण समाधान के लिए शुरू किया हरियाली होम्स अभियान। पीपल बाबा ने करीब सवा करोड़ पीपल के पेड़ लगाए हैं। 36 साल में पूरे देश में 2 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए हैं।

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Jun 04, 2021

नोएडा। World Environment Day. कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन (oxygen) की कमी ने लोगों को पेड़-पौधे (Plants) लगाने को प्रति जागरूक किया है। जिसके बाद अब लोग ऑक्सीजन देने वाले पड़े पौधे (oxygen plants) अपने घरों में लगा रहे हैं। इस बीच विश्व पर्यावरण दिवस पर हम आपको एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिन्होंने 36 साल में पूरे देश में 2 करोड़ से ज्यादा पेड़ लगाए हैं। जिनमें सवा करोड़ से ज्यादा पीपल हैं। इसलिए ही इन्हें पीपल बाबा के नाम से जाना जाता है। दरअसल, 5 जून को हर वर्ष विश्व पर्यावरण के रूप में बनाया जाता है। इस दौरान हम आपको पीपल बाबा के बारे में बताने जा रहे हैं, जो देशव्यापी हरियाली क्रांति अभियान (hariyali kranti abhiyan) चला रहे हैं। वहीं अब उन्होंने हरियाली होम्स अभियान शुरू किया है।

इस अभियान के तहत लोगों को बीज व खाद देकर घरों में ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगाने के लिए ट्रेनिंग दी रही है। इस अभियान को फिलहाल दिल्ली व एनसीआर के शहरों में चलाया जा रहा है। जिन लोगों को घर में पेड़ पौधे लगाने है और अभिायन का लाभ लेना है वह मेल करके अपना एड्रेस और मोबाइल नंबर भेज सकते हैं। जिसके बाद पीपल बाबा की हरियाली क्रांति टीम आपके घर आएगी और पौधे लगाने की ट्रेनिंग, कम्पोस्ट खाद व ऑक्सीजन देने वाले पौधों के बीज का पैकेट मुफ्त में देगी।

पिछले साल कोरोना की पहली लहर के दौरान पीपल बाबा के नेतृत्व वाली GiveMeTreesTrust की टीम सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए निरंतर पेड़ लगानें का कार्य कर रही थी। पिछले साल लॉकडाउन में ट्रांसपोर्टेशन के ठप्प होने व लॉकडाउन के नियमों की वजह से गतिविधियां बंद पड़ गई थी। जिसकी वजह से जब पेड़ पौधे लगाये जानें में दिक्कत हो रही थी तो पीपल बाबा ने किसानों को अपनी नर्सरी के पौधों को फ्री में बाटकर पेड़ लगानें के लिए प्रेरित किया था। उन्होंने लोगों से यह बताया कि महानगरों में नौकरी करने वाले जो लोग कृषि कार्य में जुटे हैं, इससे प्रति व्यक्ति आय में कमी आएगी। इसीलिए बाहरी लोग अपने खेतों के किनारे या बंजर जमीनों में पेड़ लगायें। ये पेड़ 20 से 25 वर्षों में उनके लिए आर्थिक श्रोत का एक बड़ा जरिया बनेंगे। इसे कोरोना काल का फिक्स डिपाजिट कहा गया है।

पीपल बाबा का कहना है कि देश में जब पहला लॉकडाउन लगा था तो ऐसा नहीं सुनुश्चित हो सका कि अब आगे लॉकडाउन नहीं लगाना पड़ेगा। परन्तु फिर से लॉकडाउन व कोरोना कर्फ्यू लगाना पड़ा। जिसके कारण लोगों को एक बार फिर अपने घरों में कैद होना पड़ा है। जब हम पार्क व बगीचों में सैर करने नहीं जा पाए तो हमें ऑक्सीजन नहीं मिल पाया। लोगों ने खुद को अपनें घरों के अन्दर समेट लिया। जिसके कारण उन्हें पर्याप्त मात्रा में ऑक्सीजन नहीं मिल पाया। ऐसे में लोगों के रोग प्रतिरोधक क्षमता में काफी गिरावट दर्ज की गई। इसलिए हमें अपने बेडरूम में रात को ऑक्सीजन देने वाले पौधे, ड्रायिंग रूम में सजावटी पौधे, बालकनी में कम ऊंचाई के पौधे लगाने होंगे। साथ ही रेलिंग पर किचन गार्डनिंग करनी होगी। इतने से ही हमें शुद्ध हवा मिलती रहेगी और हमारे फेफड़े मजबूत रहेंगे।

कम ऊंचाई वाले पौधे रखेंगे स्वास्थ्य

उन्होंने कहा कि अगर देश के हर घर में कम ऊंचाई के ऑक्सीजन देने वाले पौधे लगा दिए जायँ तो निश्चित तौर पर देश के सभी लोगों का रोग प्रतिरिधक क्षमता बहुत मज़बूत हो जायेगा। ऐसे वायरस बहुत कम प्रभाव डाल पाएंगे। अगर हर घर ऐसा करने का संकल्प लेकर हरियाली होम्स बनाने का काम पूरा कर लेता है तो देश में स्वास्थ्य बजट को 70% तक कम किया जा सकता है।

Updated on:
04 Jun 2021 11:10 am
Published on:
04 Jun 2021 11:06 am
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