मुख्य अतिथि श्री श्री विजेंद्र गुप्ता, स्पीकर, दिल्ली विधानसभा ने इस संदर्भ में कहा कि भारत भूमि केवल एक देश नहीं, बल्कि एक पवित्र आध्यात्मिक केंद्र है जहां वेद, उपनिषद, आगमों की रचना हुई, योग, ध्यान, आयुर्वेद जैसी ज्ञानधाराएँ विश्व को मिली। यह भूमि धार्मिक विविधता, शांति और सहिष्णुता का प्रतीक है, जहाँ सनातन धर्म के साथ-साथ कई अन्य धर्मों ने भी जड़ें जमाई हैं। भारत की राजधानी दिल्ली में जैन आचार्य लोकेश जी द्वारा पूज्य मोरारी बापू कि रामकथा का आयोजन अनेकता में एकता का प्रतीक है। कथा के दूसरे दिन स्वामी शैंलद्र (ओशो के भाई) ने कहा कि राम सभी का मूल है।