
सांप को मारने पर भुगतना पड़ सकता है कई जन्मों तक,कालसर्प दोष से बचने के लिए इस तरह करें पूजा
नोएडा। 15 अगस्त को नागपंचमी है,इस दिन नागों की पूजा की जती है। वैसे कर्म कांड, धार्मिक पूजा के लिए सावन का महीना सबसे उत्तम माना जाता है। खासकर इस महीने में भगवान शिव की पूजा करने का विशेष महत्व है। लेकिन इस सावन में केवल भगवान शिव का ही नहीं बल्कि उन गले में हर पल आभूषण के रूप में विराजमान नागराज की भी पूजा का विशेष महत्व है। सावन महीने में ही नागपंचमी पड़ती है जब नागराज की पूजा की जाती है।
धर्म शास्त्रों के अनुसार सांप को मारना नहीं चाहिए। इससे पाप लगता है और कई जन्मों तक इसकी सजा भुगतनी पड़ती है। ज्योतिषशास्त्र में माना जाता है कि जो व्यक्ति सांप को मारता है या उसे किसी प्रकार से कष्ट देता है अगले जन्म में उनकी कुण्डली में कालसर्प नामक योग बनता है। इस योग के कारण व्यक्ति को जीवन में बार-बार कठिनाईयों और असफलताओं का सामना करना पड़ता है।
कब आता है नागपंचमी का त्यौहार-
हिंदू धर्म में कई त्यौहार मनाए जाते हैं और अलग-अलग हिस्सों में पूजा की भी अलग विधि होती है। उसी प्रकार नाग देव की भी पूजा की जाती है। हिंदू कैलेंडर के अनुसार श्रावण माह यानी सावन मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को नाग पंचमी मनाया जाता है। इस मौके पर नाग की पूजा की जाती है। माना जाता है कि पूजा से अगर नागराज प्रसन्न होते हैं तो उससे महादेव की विशेष कृपा प्राप्त होती है। इस दिन कच्चे दूध में चावल ,पोहा या लावा मिलाकर पृथ्वी, आकाश, सरोवरों, कूप, तालाब घरों को कोनों और जहां भी नागों का निवास है वहां छोटे मिट्टी के बर्तन में भोग लगाते हैं। इस दौरान नागों ने अपनी व परिवार की रक्षा की प्रार्थना की जाती है।
नाग पंचमी का शुभ मुहूर्त-
इस साल नाग पंचमी 15 अगस्त बुधवार को है। नाग पंचमी 15 अगस्त को तड़के 03:27 पर प्रारम्भ होगी और 16 की रात्रि 01:51 पर समाप्त होगी। लेकिन पूजा का मुहूर्त सुबह 05:54 से 08:30 तक है।
Updated on:
10 Aug 2018 04:06 pm
Published on:
31 Jul 2018 01:00 pm
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