
इस पान को खाने से महिलाएं बन जाती हैं आत्मनिर्भर, जानें क्या है खासियत
नोएडा. लोग पान खाने के बहुत शौकीन होते हैं। यहीं वजह है कि शहर की गली मोहल्ले में पान की दुकान पर भीड़ लग रहती है। हालांकि पान खाना आज का शौक नहीं है। इसमें कई स्वास्थ्यवर्धक गुण भी छिपे हुए हैं। आयुर्वेद के अनुसार, पान यौन शक्ति को बढ़ाने के लिए काफी बेहतर हैं। पान खाने से लोग ऐसे ही कामोत्तेजक नहीं होते है, बल्कि पान के दौरान सुपारी डाली जाती है, जो कामोत्तेजना बढ़ाने का काम करती है। पान बनाने में लौंग और गुलकंद भी डाला जाता है। यह पाचन शक्ति को बढ़ाने के साथ प्रजनन क्षमता को भी बेहतर बनाता है। पान सैलिवरीग्लैंड को सक्रिय करके लार बनाता है। कब्ज की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए भी पान की पत्ती चबाना काफी फायदेमंद है। गैस्ट्रिक अल्सर को ठीक करने में भी पान खाना काफी फायदेमंद है।
यह स्वास्थ वर्धक के साथ-साथ रोजगार परक भी है। नोएडा के मशहूर उद्यमी स्वर्गीय हरि भाई लालवानी पान के लिए जाने जाते थे। फिलहाल उनकी बेटी यामिनी विरासत को संभाले हुए है। नोएडा के सेक्टर—28 स्थित अलखनंदा कॉप्लेक्स में यामू पंचायत नाम से आउटलेट चलाती है। यहां 40 रुपये से लेकर 350 से अधिक का पान मिलता है। एक तरफ जहां पान मूड को फ्रेश करता है तो पाचन क्रिया को भी। लेकिन धीरे—धीरे अब पान महिलाअेां को सशक्त बना रही है। पान की आउटलेट चलाने वाली यामिनी कहती है कि कोई भी कार्य छोटा या बड़ा नहीं होता है। महिलाओं को समाज में सक्रिय योगदान है। ऐसे में पान से जुड़े हुए कारोबार महिलाएं कर सकती है।
प्रेमी जोड़ों के लिए इश्क ए खास है पान
यामिनी ने बताया कि पान की काफी वैरायटी है। उन्होंने बताया कि ज्यादातर लोग सादा पान खाना पंसद करते है। वेनिला, आॅरेंज, रोज, केवरा, मोगरा, स्ट्राबेरी, चॉकलेट आदि 50 रुपये में आसानी के साथ मिल जाता है। वहीं 40 रुपये में सदल व सादे पान का आनंद ले सकते है। सबसे मंहगा 351 रुपये का आदाब पान है। इसमें चांदी का वर्क को मिलाकर तैयार किया जाता है। इसके अलावा 60 रुपये में इश्क ए खास प्रेमी जोड़ों के लिए पान है।
जरुरत मंद महिलाएं ऐसे बनती हैं आत्मनिर्भर
पान की शॉप चलाने वाली यामिनी ने बताया कि महिलाओं के लिए आत्मनिर्भर बनने के लिए काफी आॅप्शन मौजूद है। उन्होंने बताया कि जरुरतमंद महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कार्य किया जाता है। यहां महिलाओं को एक साल तक पान बनाने के लिए ट्रेनिंग दी जाती है। उसके बाद में महिला खुद का व्यवसाय शुरू कर सकती है। उन्होंने बताया कि महिला धीरे—धीरे सशक्त हो रही है। उन्होंने बताया कि धीरे—धीरे पान से जुड़े हुए कारोबार में तेजी के साथ इजाफा हो रहा है।
नहीं फैलती है गंदगी
आमतौर पर गुटखा और पान मसाला खाने से लोग गंदगी फैलाते है। दीवार या फिर बिल्ड़िग पर आमतौर पर गंदगी देखी जा सकती है। यामिनी ने बताया कि ऐसा पान बनाया जाता है, जिससे वह मुंह में घुल जाए। लोग पान को चबाकर थुकते है, वे मुंह में जाकर घुल जाएगे। इसकी वजह से थूकने की आवश्यकता नहीं होगी। उन्होंने बताया कि यह भी ध्यान दिया जाता है कि पान खाने से लोगों के मस्तिष्क को आराम मिले।
Published on:
18 Nov 2018 02:30 pm
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