कलेक्ट्रेट में अतिथि शिक्षिक और कलेक्टर के बीच बहस, कलेक्ट्रेट बोले इसे निकालो...
जुन्नारदेव के मॉडल हायर सेकण्डरी स्कूल के नौ अतिथि शिक्षकों को दस माह से वेतन न दिए जाने का मामला सोमवार को गरमा गया, जब इनमें से एक अतिथि शिक्षिका ममता परसोई का सीधे कलेक्टर शीलेन्द्र सिंह से सामना हो गया। उसने शिक्षा अधिकारियों की लापरवाही सुनाई और कलेक्टर को भी खरी-खोटी सुना दी।
अतिथि शिक्षक ममता ने यहां तक कह दिया कि वह इतनी परेशान हो गई कि आत्महत्या कर लेगी, जिसकी जिम्मेदारी कलेक्टर पर आएगी। इस दौरान कलेक्टर ने उसे बात करने की तमीज सीखने की सलाह दी।
बता दें कि दोपहर समय सीमा की बैठक समाप्त होने के बाद कलेक्टर समेत सभी अधिकारी कलेक्ट्रेट सभाकक्ष से नीचे आए थे। इसी दौरान अतिथि शिक्षकों का दल वहां अपनी समस्याएं सुनाने पहुंचा था। अतिथि शिक्षक ममता और उनके साथियों ने कलेक्टर को आवेदन दिया तो उन्होंने आवेदन लेकर अपने पीए को थमा दिया। इस बात से नाराज अतिथि शिक्षक ममता अचानक भडक़ गई। कलेक्टर शीलेंद्र सिंह को ही बुरा भला कहने लगी। शिक्षिका ने कहा कि ऐसे में आत्महत्या कर सभी को फंसा देगी।
इस घटनाक्रम के बाद कलेक्टर ने कहा कि आप जिस तरह से बात कर रही हैं तो आप स्कूल में क्या पढ़ाती होंगी। इसके बाद कलेक्ट्रेट के कर्मचारी महिला शिक्षक को दूर ले गए और स्थिति को संभाला। फिर कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया।
मॉडल हायर सेकण्डरी स्कूल की शिक्षिकाओं ने बताया कि पिछले 10 माह से उन्हें वेतन नहीं मिला है। हर बार वेतन के लिए स्थानीय अधिकारियों से बातचीत करते हैं, तो कोई कहीं पहुंचा देता है तो कहीं आवंटन का रोना रोने लगता है। वेतन के अभाव में पारिवारिक आर्थिक स्थिति खराब हो रही है। ठीक से जीवन यापन तक नहीं कर पा रहे हैं।