मुुंबई। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड(बीसीसीआई) ने पाकिस्तानी अंपायर असद रऊफ को आईपीएल छह भ्रष्टाचार एवं सट्टेबाजी मामले में दोषी करार देते हुए उन पर शुक्रवार को पांच वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया। यहां बीसीसीआई के मुख्यालय में बोर्ड की अनुशासनात्मक समिति की बैठक में यह निर्णय लिया गया। बोर्ड ने जारी विज्ञप्ति में बताया कि रऊफ समिति के सामने पेश नहीं हुए लेकिन उन्होंने 15 जनवरी को अपना पक्ष रखा था और फिर आठ फरवरी को अपना लिखित बयान भी भेजा था।
बोर्ड ने कहा कि समिति ने रऊफ के लिखित बयान और साथ ही जांच आयुक्त की रिपोर्ट पर गंभीरता से विचार करने के बाद रऊफ को बीसीसीआई के भ्रष्टाचार रोधी नियम के तहत गलत आचरण और भ्रष्टाचार का दोषी पाया है। पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर एवं अंपायर रऊफ पर कार्रवाई के तहत पांच वर्ष का प्रतिबंध लगाया गया है और इस अवधि के दौरान वह बोर्ड के किसी भी क्रिकेट गतिविधि या उससे मान्यता प्राप्त या अन्य किसी रूप से जुड़े हुए क्रिकेट मैच में अंपायरिंग नहीं कर सकेंगे।
गौरतलब है कि पूर्व पाकिस्तानी क्रिकेटर एवं अंपायर रऊफ ने आईपीएल 2013 भ्रष्टाचार मामले में अपनी संलिप्तता के आरोपों पर भारतीय बोर्ड से अपना पक्ष रखने के लिए कुछ और समय की मोहलत मांगी थी। रऊफ ने बोर्ड पर पारदर्शी तरीके से कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए एक अन्य जांच अधिकारी की नियुक्ति की मांग की थी जिसे बोर्ड ने खारिज कर दिया था।
गत माह 18 जनवरी को बोर्ड प्रमुख शशांक मनोहर की अध्यक्षता में बीसीसीआई की अनुशासन समिति की बैठक में आईपीएल छह स्पाट फिक्सिंग और भ्रष्टाचार मामले में बोर्ड ने आईपीएल क्रिकेटरों अजीत चंदीला और हिकेन शाह पर कार्रवाई करने के दौरान पूर्व पाकिस्तानी अंपायर असद रऊफ पर बोर्ड अध्यक्ष मनोहर, ज्योतिरादित्य सिंधिया और निरंजन शाह की तीन सदस्यीय समिति ने अपने फैसले को 12 फरवरी तक के लिए सुरक्षित रख लिया था।
पूर्व अंपायर रऊफ ने लगातार बोर्ड के इन आरोपों को खारिज किया लेकिन वह अपना पक्ष रखने के लिए बोर्ड के सामने व्यक्तिगत तौर पर उपस्थित नहीं हुए। रऊफ को उनका लिखित जवाब देने के लिए नौ फरवरी की अंतिम तारीख दी गई थी। बोर्ड ने कहा था कि रऊफ को अपना जवाब देने या किसी तरह के दस्तावेज को पेश करने के लिए नौ फरवरी की अंतिम समयसीमा दी गई है। यह मामले की अंतिम सुनवाई की तारीख होगी और इसपर फैसला 12 फरवरी को सुनाया जाएगा।