
Bihar News (प्रतीकात्मक)
Bihar News: दरभंगा. बिहार में मिथिलांचल इलाके के हृदयस्थली दरभंगा में प्रतिष्ठित देवी स्थल श्री रमेश्वरी श्यामा मंदिर में सांध्य आराधना से भक्तों को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है। श्री रमेश्वरी श्यामा मंदिर में विश्व कल्याणार्थ 35वां नौ दिवसीय श्यामा नाम धुन नवाह यज्ञ संकीर्तन पूरे विधि-विधान के साथ आज एक बजे से शुरू हो गया। रमेश्वरी श्याम मंदिर के प्रधान पुजारी शरद कुमार झा ने मंगलवार को वैदिक रीति रिवाज से मां श्यामा (काली) की पूजा-अर्चना के तत्पश्चात अखंड दीप ज्योति को प्रज्वलित किया। उन्होंने मंदिर परिसर में ही बने यज्ञ स्थल की पूजा-अर्चना के बाद अखंड नाम जाप और हवन शुरू कराया और उसके बाद संकीर्तन मंडली के वाद्य यंत्रों की पूजा एवं मां की आरती के बाद अखंड नाम धुन का शुभारंभ कराया।
Bihar News: मां श्यामा मंदिर न्यास समिति के सचिव सह दरभंगा के जिलाधिकारी राजीव रोशन ने बताया कि नौ दिनों तक चलने वाला नवाह यज्ञ की सभी तैयारी पूरी हो चुकी है और इसके सफल संचालन के लिए नवाह यज्ञ संचालन समिति का गठन किया गया है। यज्ञ की महत्ता इस क्षेत्र के लिए बहुत अधिक है और बिहार के विभिन्न इलाकों के अलावे नेपाल से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए यहां आते हैं। मां श्यामा मंदिर न्यास समिति की नवाह संचालन समिति की सह संयोजिका मधुबाला सिन्हा की देखरेख में सोमवार सुबह 500 से अधिक कुमारी कन्याओं ने शहर के विभिन्न मार्ग पर कलश यात्रा निकाली। पूजा-अर्चना के बाद भंडारा का आयोजन किया गया। नौ दिनों तक चलने वाले नवाह यज्ञ में दो आचार्य के नेतृत्व में 22 पंडित लगातार अखंड जाप और हवन कर रहे हैं, जबकि 14 कीर्तन मंडली लगातार नौ दिनों तक नाम धुन करेगी। पूरे मंदिर को फूलों की लड़ियां एवं बिजली की लड़ियों से आकर्षक ढंग से सजाया गया है। दरभंगा राज परिवार के माधेश्वर प्रांगण स्थित श्री रमेश्वरी श्यामा मंदिर में भगवती काली की विशेष पूजा-अर्चना स्थापना काल से ही परंपरागत रूप से की जाती रही है।
Bihar News: वर्ष 1933 में कार्तिक कृष्ण पक्ष अमावस्या तिथि को दीपावली के अवसर पर दरभंगा के अंतिम महाराज डॉ. कामेश्वर सिंह ने अपने पिता महाराज रमेश्वर सिंह के चिता पर बने इस मंदिर में सदाशिव सहित माँ श्यामा, महाकाल, बटुक और गणेश के विग्रहों में प्राण प्रतिष्ठा पूजन मधुबनी जिला के तत्कालीन प्रख्यात पंडित सीताराम झा व्यास से करवाया था। आज भी पंडित व्यास की चौथी पीढ़ी श्यामा मंदिर के प्रधान पुजारी पंडित शरद कुमार झा उस परंपरा का निर्वह्न करते हुए माँ श्यामा की विशेष पूजा और हवन कर रहे हैं। श्री रमेश्वरी श्यामा मंदिर के संचालन के लिए बिहार सरकार ने वर्ष 2008 में मां श्यामा मंदिर न्यास समिति का गठन किया है। ऐसी मान्यता है कि संध्या काल माँ श्यामा की आराधना करने से उसे मनोवांछित फल मिलते हैं।
Published on:
19 Nov 2024 05:52 pm

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